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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आशीष मिश्रा ने कोर्ट में किया सरेंडर

केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी के बेटे और 3 अक्टूबर 2021 की लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा ने रविवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन करते हुए आत्मसमर्पण कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आशीष मिश्रा ने कोर्ट में किया सरेंडर
अजय मिश्रा (Photo Credits: ANI)

लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश), 24 अप्रैल : केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी (Ajay Kumar Mishra Teni) के बेटे और 3 अक्टूबर 2021 की लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा ने रविवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन करते हुए आत्मसमर्पण कर दिया. यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा उसकी जमानत रद्द करने और उसे आत्मसमर्पण करने के लिए एक सप्ताह का समय दिए जाने के ठीक बाद उसने सरेंडर कर दिया है. आशीष ने जमानत की अवधि समाप्त होने से एक दिन पहले अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया. उन्हें फरवरी 2022 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दी गई थी. यह अक्टूबर 2021 में लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा से संबंधित है, जिसमें चार किसानों सहित आठ लोग मारे गए थे.

पिछले हफ्ते शीर्ष अदालत ने आरोपी की जमानत को चुनौती देने वाली किसानों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आशीष मिश्रा के खिलाफ फैसला सुनाया था. तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि हिंसा के पीड़ितों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सुनवाई के अधिकार से वंचित कर दिया गया, जिसने मिश्रा को जमानत दी थी. उन्होंने उच्च न्यायालय से आशीष मिश्रा को दी गई जमानत पर पुनर्विचार करने को भी कहा था.यह घटना 3 अक्टूबर, 2021 की है, जब किसान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लखीमपुर खीरी जिले में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. हालांकि, किसानों के बीच एक हिंसक झड़प हुई, जिसके बाद कथित तौर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा के स्वामित्व वाली एक एसयूवी किसानों को कुचल गई, जिसमें चार की मौत हो गई. जैसा कि प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप है, दुर्घटना के समय अजय मिश्रा का पुत्र आशीष मिश्रा कार के अंदर था. यह भी पढ़ें : शर्मनाक: हरियाणा के रेवाड़ी में युवक ने बीयर पीने से मना करने पर दबंगों ने जबरदस्ती पिलाया मूत्र, बेरहमी से पिटाई भी की

इसके बाद, एक मामला दर्ज किया गया और सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना की निगरानी और जांच के लिए सेवानिवृत्त पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राकेश कुमार जैन को भी नियुक्त किया. योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा एक एसआईटी का भी पुनर्गठन किया गया था, जिसमें तीन आईपीएस अधिकारी शामिल थे. वहीं, मंत्री के बेटे को भी गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि, जांच और चार्जशीट दाखिल करने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 10 फरवरी 2022 को मिश्रा को जमानत दे दी थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 24, 2022 05:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).