Arun Sao on Mamata Banerjee: 'ममता बनर्जी ने शासन-प्रशासन दोनों को वोटबैंक की राजनीति में गिरवी रख दिया है; अरुण साव
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद समेत कई जिलों में हुई हिंसा के लिए छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने सीएम ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने भाजपा विधायक, केंद्रीय एजेंसियों और बीएसएफ पर आरोप लगाए थे.
रायपुर, 17 अप्रैल : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद समेत कई जिलों में हुई हिंसा के लिए छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने सीएम ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने भाजपा विधायक, केंद्रीय एजेंसियों और बीएसएफ पर आरोप लगाए थे. अरुण साव ने इसे बेहद दुर्भाग्यजनक करार देते हुए ममता बनर्जी को राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आरोप लगाया कि वोटबैंक की राजनीति में उन्होंने शासन-प्रशासन को गिरवी रख दिया है.
गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए साव ने कहा, "ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं और उनके ही संरक्षण में हिंदुओं पर नरसंहार हो रहा है. वह अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही हैं और दोष दूसरों पर मढ़ने की कोशिश कर रही हैं. यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है." डिप्टी सीएम ने कहा कि एक मुख्यमंत्री के तौर पर ममता बनर्जी का पहला कर्तव्य है कि वह अपने राज्य की जनता को सुरक्षा दें. लेकिन, आज बंगाल के हालात यह हैं कि हिंदू समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है. जिन लोगों ने उन्हें सत्ता सौंपी, उनके जीवन की रक्षा तक नहीं हो पा रही है. यह भी पढ़ें : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कुमाऊं विश्वविद्यालय से दो दशक पहले हुई नियुक्ति के दस्तावेज मांगे
अरुण साव ने आगे कहा कि ममता बनर्जी पूरी तरह से विफल साबित हुई हैं. उनके नेतृत्व में बंगाल में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है. आज जो भी अत्याचार बंगाल में हिंदुओं पर हो रहे हैं, उसका जिम्मेदार कोई है तो वह स्वयं ममता बनर्जी हैं. उन्होंने शासन और प्रशासन दोनों को वोटबैंक की राजनीति में गिरवी रख दिया है. बता दें कि वक्फ संशोधन कानून लागू होने के बाद पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद समेत कई जिलों में विपक्षी दल और मुस्लिम संगठनों ने प्रदर्शन किया. इसी प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई, जिसमें कई लोगों की जान चली गई.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 17, 2025 01:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

