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Antibody Stop Omicron: ऑमिक्रॉन को रोकने वाले एंटीबॉडी की हुई खोज, US में दूसरे कोविड वेरिएंट की हुई पहचान

अमेरिका में वैज्ञानिकों के एक समूह ने एक ऐसे एंटीबॉडी की पहचान की है, जो ओमिक्रॉन सहित कोविड-19 का कारण बनने वाले वायरस के सभी प्रमुख प्रकारों के संक्रमण को रोकता है. इ

Antibody Stop Omicron: ऑमिक्रॉन को रोकने वाले एंटीबॉडी की हुई खोज, US में दूसरे कोविड वेरिएंट की हुई पहचान
Omicron (Photo Credits: Pixabay)

न्यूयॉर्क, 8 अप्रैल: अमेरिका में वैज्ञानिकों के एक समूह ने एक ऐसे एंटीबॉडी की पहचान की है, जो ओमिक्रॉन सहित कोविड-19 का कारण बनने वाले वायरस के सभी प्रमुख प्रकारों के संक्रमण को रोकता है. इस खोज से अधिक शक्तिशाली टीके और नए एंटीबॉडी-आधारित उपचार हो सकते हैं. यह भी पढ़ें: Vaccines for Cancer and Heart Disease: कैंसर और दिल की बीमारियों के लिए वैक्सीन, दशक के अंत तक टीके तैयार होने की उम्मीद

जर्नल ऑफ क्लिनिकल इन्वेस्टिगेशन में प्रकाशित एक अध्ययन में विस्कॉन्सिन-मैडिसन विश्वविद्यालय में वेइल कॉर्नेल मेडिसिन के वरिष्ठ लेखक डॉ. पैट्रिक विल्सन और उनके सहयोगियों ने महामारी के दौरान उभरे वायरस के क्रमिक संस्करणों के खिलाफ रोगी के रक्त के नमूनों से प्राप्त एंटीबॉडी की जांच की.

इन प्रोटीनों में से एक, जिसे एस728-1157 कहा जाता है, न केवल पुराने वेरिएंट बल्कि ओमिक्रॉन के सात उपप्रकारों को बेअसर करने में अत्यधिक प्रभावी साबित हुआ. टीम में स्क्रिप्स रिसर्च और शिकागो विश्वविद्यालय के शोधकर्ता भी शामिल थे.

डॉ. विल्सन ने कहा, महामारी खत्म हो रही है, लेकिन वायरस लंबे समय तक रहेगा. अगर इसे अच्छी तरह से नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह सालाना महामारी का कारण बन सकता है. उन्होंने कहा, यह एंटीबॉडी और इसके द्वारा प्रदान की जाने वाली अंतर्दृष्टि हमें कोविड-19 मामलों में वार्षिक उछाल या किसी अन्य कोरोनोवायरस महामारी से बचने में मदद कर सकती है.

डॉ. विल्सन की टीम ने उन एंटीबॉडी-उत्पादक कोशिकाओं का विश्लेषण किया, जो वायरस के स्पाइक प्रोटीन से चिपकी हुई थीं, जिसका उपयोग यह मानव कोशिकाओं में जाने के लिए करता है. एक अन्य शोध लेखक डॉ. सिरिरुक चांगरोब ने वायरस के मूल वेरिएंट सहित सार्स-कोव-2 के 12 वेरिएंट के खिलाफ पाए गए एंटीबॉडी का परीक्षण किया.

एक एंटीबॉडी, जिसे एस728-1157 कहा जाता है, ओमिक्रॉन के साथ हस्तक्षेप करने की क्षमता रखता है. परिणाम बताते हैं कि एस728-1157 पारंपरिक एंटीबॉडी-आधारित उपचारों के लिए एक बहुत जरूरी विकल्प का आधार बन सकता है. शोध में कहा गया है कि अनुसंधान नए टीकों के डिजाइन को भी निर्देशित कर सकता है, जो स्पाइक प्रोटीन पर भरोसा करते हैं, ताकि एंटीबॉडी के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा सके.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 08, 2023 07:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).