Kota Student Suicide: कोटा में एक और NEET अभ्यर्थी ने की आत्महत्या, किराए के फ्लैट में फंदे से लटकी मिली छात्रा; इस साल का 8वां मामला

राजस्थान के प्रमुख कोचिंग हब कोटा में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक 20 वर्षीय छात्रा द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या करने का दुखद मामला सामने आया है. मध्य प्रदेश के छतरपुर की रहने वाली छात्रा खुशबू पटेल कोटा के कुन्हाड़ी इलाके में किराए के फ्लैट में रहकर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही थी.

Representative Image | (Photo Credits: File Photo)

कोटा: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रमुख कोचिंग केंद्र राजस्थान के कोटा (Kota) से छात्र आत्महत्या का एक और दुखद मामला सामने आया है. मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही 20 वर्षीय छात्रा ने मंगलवार रात कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र स्थित अपने किराए के फ्लैट में कथित रूप से फंदे से लटककर जान दे दी.

जनवरी 2026 से अब तक कोटा में कोचिंग छात्रों द्वारा आत्महत्या का यह आठवां मामला है. लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने एक बार फिर छात्रों पर पढ़ाई के मानसिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य सहयोग प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह भी पढ़ें: कोटा में एक और छात्र ने किया सुसाइड, PG के कमरे में पंखे से लटका मिला शव

कोचिंग से लौटी बहन ने देखा, अंदर से बंद था दरवाजा

पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की निवासी खुशबू पटेल (20 वर्ष) के रूप में हुई है. वह लैंडमार्क सिटी स्थित एक मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट में अपनी छोटी बहन खुशी के साथ किराए पर रहती थी.

कमरे से नहीं मिला सुसाइड नोट, पुलिस जांच में जुटी

सहायक उप-निरीक्षक (ASI) अनिल कुमार और कुन्हाड़ी थाना प्रभारी देवेश भारद्वाज के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है.

फ्लैट में एंटी-हैंगिंग डिवाइस का न होना उजागर

अधिकारियों ने जांच के दौरान पाया कि जिस किराए के फ्लैट में छात्राएं रह रही थीं, उसके सीलिंग फैन में एंटी-हैंगिंग डिवाइस (Anti-Hanging Device) नहीं लगा था.

कोटा जिला प्रशासन और हॉस्टल एसोसिएशन के दिशा-निर्देशों के तहत छात्रों के कमरों में ऐसे सुरक्षा उपकरण लगाना अनिवार्य है. निजी फ्लैटों और पेइंग गेस्ट आवासों में इन सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी जांच की जा रही है.

मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग पर उठते सवाल

कोटा में हर साल देश भर से लाखों छात्र नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी कठिन प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं.

प्रशासन और कोचिंग संस्थानों द्वारा तनाव प्रबंधन, योग सत्र और हेल्पलाइन जैसी कई पहल शुरू किए जाने के बावजूद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति यह दर्शाती है कि छात्रों को समय पर मनोवैज्ञानिक सहायता, भावनात्मक संबल और बिना किसी डर के खुलकर बात करने का सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना कितना आवश्यक है.

यदि आप या आपका कोई परिचित किसी गंभीर मानसिक तनाव, अवसाद या निराशा से जूझ रहा है, तो सहायता के लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 'टेली-मानस' (Tele-MANAS) के टोल-फ्री नंबर 14416 या 24x7 हेल्पलाइन 044-24640050 पर तुरंत संपर्क करें.

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