अमित शाह ने लॉन्च किया FCRA 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई सिस्टम, डिजिटल होंगे नागरिक सेवा और विदेशी फंडिंग के नियम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिक सेवाओं को डिजिटल बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एफसीआरए 2.0 (FCRA 2.0) पोर्टल और ई-ओसीआई (e-OCI) सिस्टम लॉन्च किया है. इसके तहत ओसीआई कार्ड और एनजीओ की विदेशी फंडिंग से जुड़े नियम पूरी तरह डिजिटल हो जाएंगे.
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit) ने मंगलवार, 30 जून 2026 को देश की दो महत्वपूर्ण नागरिक और प्रशासनिक सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल करते हुए 'FCRA 2.0' पोर्टल और 'ई-ओसीआई' (e-OCI) प्रणाली की शुरुआत की है. गृह मंत्रालय के अनुसार, नए एफसीआरए 2.0 पोर्टल (FCRA 2.0 Portal) को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम के तहत नियमों के पालन को सरल बनाने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए विकसित किया गया है. वहीं, ई-ओसीआई सिस्टम के आने से विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों (OCI कार्डधारकों) के लिए आवेदन से लेकर कार्ड डाउनलोड करने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस हो जाएगी. यह भी पढ़ें: ABHIGYAN App: गृह मंत्री अमित शाह ने लॉन्च किया ‘अभिज्ञान ऐप’, सिर्फ 35 सेकेंड में उंगलियों के निशान से खुलेगी अपराधियों की जन्मकुंडली
एफसीआरए 2.0 पोर्टल: एनजीओ फंडिंग पर पैनी नजर
देश में वर्तमान में लगभग 14,500 सक्रिय एफसीआरए पंजीकृत संगठन (NGOs) हैं, जो सालाना हजारों आवेदन और रिटर्न दाखिल करते हैं. नेशनल गवर्नमेंट क्लाउड (मेघराज) पर होस्ट किए गए इस नए पोर्टल में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, ई-साइन सुविधा और ओसीआर-आधारित (OCR) दस्तावेज विश्लेषण जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल की गई हैं.
इस पोर्टल के जरिए संगठनों के लिए कागजी कार्रवाई बेहद कम हो जाएगी. दूसरी तरफ, सरकारी डेटाबेस के साथ एपीआई (API) इंटीग्रेशन होने से विदेशी चंदे की रसीद और उसके इस्तेमाल की जांच व वेरिफिकेशन बहुत तेजी से और सटीकता के साथ किया जा सकेगा.
ई-ओसीआई सिस्टम: 20 साल के बाद बुकलेट रिन्यू कराने का झंझट खत्म
नए ई-ओसीआई सिस्टम के तहत अब आवेदक पूरी प्रक्रिया घर बैठे ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं. वे दस्तावेज अपलोड करने के बाद मंजूरी मिलने पर सीधे डिजिटल ओसीआई कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे. वर्तमान कार्डधारकों को भी बिना किसी नए आवेदन या भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के अपना ई-ओसीआई कार्ड मिल जाएगा.
मंत्रालय ने एक और बड़ी राहत देते हुए बताया कि 20 साल की उम्र के बाद नया पासपोर्ट मिलने पर ओसीआई बुकलेट को दोबारा जारी कराने (Re-issue) की अनिवार्यता को अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. हालांकि, कार्डधारकों को नया पासपोर्ट मिलने पर उसकी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करनी होगी.
धार्मिक गतिविधियों का नया फ्रेमवर्क और सख्त नियम
यह नया पोर्टल गृह मंत्रालय द्वारा हाल ही में अधिसूचित 'विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन नियम, 2026' के ठीक बाद आया है. इसके तहत भारत में विदेशी फंडिंग प्राप्त करने वाले एनजीओ के लिए नियमों को काफी सख्त किया गया है:
- अनुमति प्राप्त गतिविधियां: मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों और गुरुद्वारों जैसे पूजा स्थलों का रखरखाव, पवित्र ग्रंथों का अनुवाद/डिजिटलीकरण, धार्मिक शिक्षा, सत्संग और तीर्थयात्रियों के लिए लंगर या धर्मशाला की व्यवस्था आदि को धार्मिक श्रेणी में मान्य किया गया है.
- धर्मांतरण पर पूर्ण रोक: नियमों में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की धर्मांतरण (Proselytisation) संबंधी गतिविधि को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा.
- 75% फंड का नियम: एनजीओ के लिए अब यह अनिवार्य होगा कि वे अगली किस्त पाने के लिए पहले से प्राप्त विदेशी फंड का कम से कम 75 प्रतिशत हिस्सा कानूनी रूप से खर्च कर चुके हों.
इसके अतिरिक्त, जवाबदेही तय करने के लिए "मुख्य पदाधिकारी" (Key Functionary) के दायरे को बड़ा किया गया है, जिसमें अब निदेशक, ट्रस्टी और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के कर्ता शामिल होंगे. नियमों के अनुसार, जिन संगठनों के मुख्य पदों पर विदेशी नागरिक (भारतीय मूल के अलावा) शामिल हैं, उन्हें आमतौर पर पंजीकरण की पात्रता नहीं दी जाएगी.