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Pakistan: अमेरिका ने इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होने से किया इनकार

अमेरिकी सरकार ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में किसी भी तरह की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिकी संलिप्तता के आरोप निराधार हैं.

Pakistan: अमेरिका ने इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होने से किया इनकार
इमरान खान (Photo Credits: Facebook)

वाशिंगटन/इस्लामाबाद, 31 मार्च : अमेरिकी सरकार ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में किसी भी तरह की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिकी संलिप्तता के आरोप निराधार हैं. अमेरिकी सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की क्योंकि खान ने रविवार को एक पत्र को यह कहते हुए दिखाया कि इसमें उनके खिलाफ रची गई एक विदेशी साजिश का सबूत है और विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव भी उनकी सरकार को गिराने की इस विदेशी साजिश का एक हिस्सा है. बुधवार को, धमकी भरे पत्र को भी वरिष्ठ पत्रकारों के साथ साझा किया गया. पत्र के संबंध में जियो न्यूज द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में, अमेरिकी विदेश विभाग ने खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में किसी भी तरह की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया.

विदेश विभाग ने कहा, "अविश्वास प्रस्ताव में अमेरिका के शामिल होने और पीएम इमरान खान को धमकी पत्र देने के आरोप निराधार हैं." हालांकि, अमेरिकी सरकार पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति की निगरानी कर रही है और पाकिस्तान में कानून के शासन का समर्थन करती है. खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के सवाल पर विदेश विभाग ने कहा कि वे पाकिस्तान में संवैधानिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं. रविवार को प्रधानमंत्री ने इस्लामाबाद के परेड ग्राउंड में अपने इतिहास में अपनी 'सबसे बड़ी' रैली को संबोधित किया, जहां जनता के सामने एक पत्र दिखाया, जिसमें कहा गया था कि उनके पास लिखित सबूत हैं कि विदेश से पैसा दिया जा रहा है, जबकि हमारे कुछ लोगों का इस्तेमाल सरकार गिराने के लिए किया जा रहा है. यह भी पढ़ें : Pakistan: इमरान खान की जान को खतरा, पाकिस्तान के पूर्व मंत्री बोले- हत्या की साजिश रची गई

उन्होंने कहा था कि महीनों से पाकिस्तान की विदेश नीति को बाहर से प्रभावित करने की साजिश रची जा रही है. भारत में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा कि राजनयिकों को इस तरह की धमकी जारी करने वाले राज्य के अधिकारी पूरी तरह से अनसुने हैं. बासित ने कहा कि विदेश नीतियों के संवेदनशील मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जिस मेमो का जिक्र कर रहे हैं, उसमें संभवत: अमेरिकी अधिकारियों और एक पाकिस्तानी राजनयिक के बीच हुई बैठक के बीच बातचीत हुई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 31, 2022 03:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).