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Amarnath Yatra: बारिश और भूस्खलन में फंसे 3 हजार श्रद्धालुओं को मिली सेना की मदद

जम्मू-कश्मीर के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार खराब मौसम के बीच अमरनाथ यात्रा प्रभावित हुई है. यहां बारिश और भूस्खलन के कारण सैकड़ों यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा. ऐसे में भारतीय सेना ने एक बार फिर अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं को अपने कैंपों में शरण दी है.

Amarnath Yatra: बारिश और भूस्खलन में फंसे 3 हजार श्रद्धालुओं को मिली सेना की मदद

नई दिल्ली, 17 जुलाई : जम्मू-कश्मीर के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार खराब मौसम के बीच अमरनाथ यात्रा प्रभावित हुई है. यहां बारिश और भूस्खलन के कारण सैकड़ों यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा. ऐसे में भारतीय सेना ने एक बार फिर अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं को अपने कैंपों में शरण दी है. अमरनाथ यात्रा फिलहाल रोक दी गई है. खराब मौसम की वजह से यह फैसला लिया गया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा के मार्ग में बाधा उत्पन्न हुई है.

भारी बारिश के कारण सड़क पर काफी मलबा बहकर आ गया है. यात्रा से लौट रहे कई श्रद्धालुओं को रास्ते में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. भारतीय सेना के मुताबिक 16 जुलाई की शाम लगभग सवा सात बजे लगातार बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे यात्रा बाधित हो गई और बड़ी संख्या में यात्री फंसे रह गए. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यहां तैनात सेना की टुकड़ी ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया. क्षेत्र में फंसे लगभग 500 यात्रियों को टेंट में ठहराया गया और उन्हें चाय व पीने का पानी उपलब्ध कराया गया. यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा, कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित

इसके अतिरिक्त, करीब 3000 यात्रियों ने सेना के लंगरों में शरण ली, जहां उन्हें आवश्यक आश्रय और भोजन प्राप्त हुआ. एक विशेष रूप से गंभीर मामला एक बीमार यात्री का था, जो दो भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के बीच रायलपथरी में फंसा हुआ था. भारतीय सेना की क्विक रिएक्शन टीमों ने बेहद चुनौतीपूर्ण मौसम में मैनुअल स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित रूप से उस यात्री को बचाया और आगे एम्बुलेंस द्वारा उसे चिकित्सा सहायता के लिए भेजा गया. कैंप निदेशक और भारतीय सेना के कंपनी कमांडर मौके पर मौजूद हैं और उन्होंने स्थिति को स्थिर और नियंत्रण में बताया है.

सभी यात्रियों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी हैं. वहीं, रायलपथरी और अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश अभी भी जारी है और सेना पूर्ण सतर्कता के साथ किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने यहां सेना के कैंपों में शरण ली है. सेना के कैंपों में शरण लेने वाले श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें सही समय पर सेना द्वारा इन कैंपों में शरण दी गई, जिसके कारण वे तेज बारिश और भूस्खलन से बच सके. श्रद्धालुओं ने बताया कि यहां सेना के कैंपों में उन्हें पीने का पानी, चाय व भोजन भी उपलब्ध कराया गया है.

श्रद्धालुओं का कहना है कि सेना के कैंपों में करीब 3 हजार के आस-पास व्यक्तियों को शरण दी गई है. अमरनाथ यात्रा 2025 के दौरान किए गए ये त्वरित और मानवीय प्रयास भारतीय सेना की पेशेवरिता, समर्पण और सेवा भाव के एक और शानदार उदाहरण हैं, जो हर संकट में यात्रियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है.

गौरतलब है कि भारतीय सेना ने अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित व सुगम बनाने और यात्रा की निर्बाध सम्पन्नता सुनिश्चित करने के लिए ‘ऑपरेशन शिवा 2025’ चला रही है. ‘ऑपरेशन शिवा’ नागरिक प्रशासन और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ समन्वय में संचालित किया जा रहा है. इस बार यहां सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है, विशेषकर ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकियों से उत्पन्न खतरे के मद्देनजर कड़ी चौकसी बरती जा रही है.

सेना के मुताबिक, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया में भी नागरिक प्रशासन को हरसंभव सहायता दी जा रही है. इस वर्ष की यात्रा के लिए 8,500 से अधिक सैनिकों की तैनाती की गई है. इन सैन्य कर्मियों को विभिन्न प्रकार की तकनीकी और परिचालन क्षमताओं से सुसज्जित किया गया है. सुरक्षा के तहत एक गतिशील आतंकवाद विरोधी ग्रिड, रोकथाम आधारित सुरक्षा तैनाती और कॉरिडोर सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 17, 2025 04:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).