Noida Supernova Case: डिप्रेशन, बढ़ते कर्ज और वैवाहिक विवाद ने ली सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान; 43वीं मंजिल से गिरे संभव जैन, पुलिस ने ₹3 करोड़ गुजारा भत्ते की बात नकारी

गुरुग्राम (मानेसर) के रहने वाले 28 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन द्वारा नोएडा के सेक्टर 94 स्थित सुपरनोवा बहुमंजिला इमारत की 43वीं मंजिल से कूदकर जान देने के मामले में पुलिस जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं. शुरुआती तफ्तीश और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने बताया कि संभव लंबे समय से मानसिक तनाव (डिप्रेशन), पारिवारिक विवाद, अपने प्री-मैच्योर बेटे के इलाज पर हुए करीब ₹40 लाख के भारी मेडिकल खर्च और लगातार बढ़ते कर्ज के बोझ से जूझ रहे थे.

नोएडा: दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा के सेक्टर 94 स्थित पॉश सुपरनोवा सोसायटी की स्पायरा इमारत में शनिवार दोपहर घटी दुखद घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया. मानेसर में एक निजी कंपनी में कार्यरत 28 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन की 43वीं मंजिल की बालकनी से नीचे गिरने के कारण मौके पर ही मौत हो गई.

नोएडा पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीमों ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कदम उठाने से पहले संभव पिछले चार दिनों से अपने घर से लापता थे और अत्यधिक मानसिक व वित्तीय दबाव में थे.

घटना से पहले पिता को भेजे थे संदेश, मोबाइल वीडियो भी मिला

सेक्टर 126 थाना प्रभारी सुमनेश कुमार के अनुसार, संभव की व्हाट्सएप चैट और फोन की जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं:

प्री-मैच्योर बच्चे का इलाज और सिर पर ₹40 लाख से अधिक का कर्ज

पुलिस जांच और परिजनों के बयानों से सामने आया है कि पिछले एक साल में संभव पर वित्तीय देनदारियां तेजी से बढ़ी थीं:

तलाक का केस और ₹3 करोड़ गुजारे भत्ते के दावे का सच

सोशल मीडिया पर घटना के बाद यह चर्चा फैल गई कि संभव की पत्नी ने तलाक के बदले ₹3 करोड़ की भारी रकम मांगी थी, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया. पुलिस ने इस दावे का खंडन किया है:

अधिक वजन और स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं

पुलिस के अनुसार, संभव लगभग 140 किलोग्राम वजन के कारण मोटापे और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना भी कर रहे थे. वजन से जुड़ी शारीरिक व्याधियां और काम का दबाव भी उनके एंग्जाइटी और अवसाद को बढ़ा रहे थे.

सुपरनोवा में क्या हुआ था?

संभव शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे सुपरनोवा परिसर पहुंचे थे और उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से एक दिन के लिए अपार्टमेंट बुक किया था. शनिवार दोपहर चेक-आउट के समय के आसपास पास के फ्लैट में काम कर रहे एसी मैकेनिकों ने उन्हें बालकनी की रेलिंग पार करते देखा. मैकेनिकों ने उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन इससे पहले कि सुरक्षाकर्मी या अन्य लोग उन तक पहुंच पाते, वे नीचे आ गिरे.

संभव अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और उनकी एक छोटी बहन है. पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिवार की तहरीर व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई आगे बढ़ा रही है.

(यदि आप या आपका कोई परिचित अत्यधिक तनाव या मानसिक परेशानी से जूझ रहा है, तो कृपया पेशेवर मदद लें। राष्ट्रीय टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 या स्नेहा फाउंडेशन 044-24640050 पर संपर्क कर निःशुल्क परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।)

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