CJP Protest: ‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा’; फास्ट-ट्रैक कोर्ट के फैसले पर सीजेपी का तीखा हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के ऐलान को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने खारिज कर दिया है. संगठन का कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा.

(AP Photo/Shekhar Yadav)

नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक को लेकर देश में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (ockroach Janata Party) (CJP) ने केंद्र सरकार के नए कदम को पूरी तरह नाकाफी बताया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Courts) गठित करने की घोषणा के बाद, सीजेपी ने साफ कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

संगठन का तर्क है कि पेपर लीक के बाद सजा की व्यवस्था करना केवल समस्या के लक्षणों का इलाज करने जैसा है, जबकि मुख्य प्रशासनिक विफलता और इसकी जिम्मेदारी से सरकार बच रही है.

"बैंड-एड लगाने से मुख्य समस्या हल नहीं होगी"

सीजेपी (CJP) के प्रतिनिधि आशुतोष रांका ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री की घोषणा पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक फास्ट-ट्रैक कोर्ट की कमी के कारण नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली की विफलता और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की नाकामी की वजह से हो रहे हैं.

आशुतोष रांका ने बयान जारी करते हुए कहा:

"फास्ट-ट्रैक कोर्ट का ऐलान कोई वास्तविक समाधान नहीं है, बल्कि यह मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश है. यह कदम टूटी हुई हड्डी पर बैंड-एड लगाने जैसा है. देश का युवा इस समय सबसे पहले प्रशासनिक जवाबदेही की मांग कर रहा है, और इसकी शुरुआत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से होनी चाहिए."

'पेपर लीक होने पर क्या सज़ा?'

राजनीतिक मोर्चे पर भी सरकार की घेराबंदी

सीजेपी के अलावा विपक्षी दलों ने भी प्रधानमंत्री की इस पहल को नाकाफी बताया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेताओं ने तर्क दिया है कि केवल कानूनी प्रक्रियाओं में तेजी लाने से अभ्यर्थियों का खोया हुआ विश्वास वापस नहीं लौटेगा.

विपक्ष ने संसद में परीक्षा सुरक्षा और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कामकाज पर अलग से विस्तृत चर्चा कराए जाने तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई है.

जंतर-मंतर पर डटे हैं प्रदर्शनकारी

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर, टॉलस्टॉय मार्ग और आसपास के इलाकों में छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन लगातार जारी है. प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा एजेंसियों में व्यापक सुधार, पारदर्शिता और छात्र प्रतिनिधियों के साथ सीधी बातचीत की मांग कर रहे हैं.

सीजेपी के संस्थापकों का कहना है कि यह लड़ाई केवल घोषणाओं से खत्म नहीं होगी और जब तक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय नहीं की जाती, तब तक देशव्यापी आंदोलन जारी रखा जाएगा.

Share Now