Abhijeet Dipke: दिल्ली में सरकार के खिलाफ CJP का विरोध प्रदर्शन, शामिल होने के लिए मुंबई से जंतर-मंतर रवाना हुए अभिजीत दिपके; VIDEO
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हो गए हैं. प्रशासन द्वारा अनुमति न मिलने और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है.
Abhijeet Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार सुबह मुंबई से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हो गए. दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए वे मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे. पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था और तमाम प्रतिबंधों के बावजूद आयोजक और कार्यकर्ता इस प्रदर्शन को लेकर अपनी तैयारियों पर अडिग हैं.
दिल्ली पुलिस द्वारा इस प्रदर्शन के लिए औपचारिक अनुमति न दिए जाने के बावजूद राजनीतिक और युवा हलकों में इस मार्च को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है. यह भी पढ़े: Delhi News Today: CJP के विरोध प्रदर्शन के चलते दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, कई मेट्रो स्टेशन बंद; सीमापुरी हादसे समेत यहां पढ़ें दिनभर की बड़ी खबरें
मुंबई से जंतर-मंतर रवाना हुए अभिजीत दिपके
मुंबई से दिल्ली के लिए रवानगी
शनिवार सुबह मध्य मुंबई के वर्ली स्थित एक होटल से निकलकर अभिजीत दिपके मुंबई एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए. एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने प्रशासनिक पाबंदियों और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती पर सवाल उठाए.
दिपके ने दावा किया कि सरकार युवाओं और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति असहज नजर आ रही है. उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना नागरिकों का बुनियादी अधिकार है और वे किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं.
जंतर-मंतर प्रदर्शन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और विभिन्न स्थानों पर पुलिस व सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तय नियमों और सुरक्षा मानकों का हवाला देते हुए कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके चलते राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में चौकसी बरती जा रही है.
दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों और युवा कार्यकर्ताओं का दावा है कि लोकतांत्रिक नियमों के दायरे में रहकर अपनी मांगों को रखना उनका अधिकार है. स्थिति पर प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर बनी हुई है.