‘हिंदू शराब पीता है’ बयान पर ‘आप’ विधायक मेहराज मलिक ने दी सफाई, कहा- मैं शर्मिंदा हूं
जम्मू-कश्मीर से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मेहराज मलिक ने ‘हिंदू तो त्योहार और शादी में शराब पीता है’ वाले अपने बयान पर अब सफाई दी है. उन्होंने कहा कि मेरे बयान से अगर किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं शर्मिंदा हूं.
जम्मू, 20 मार्च : जम्मू-कश्मीर से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मेहराज मलिक ने ‘हिंदू तो त्योहार और शादी में शराब पीता है’ वाले अपने बयान पर अब सफाई दी है. उन्होंने कहा कि मेरे बयान से अगर किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं शर्मिंदा हूं.
आम आदमी पार्टी विधायक मेहराज मलिक ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि शराब तो सभी पीते हैं. कुछ लोग पर्दा करके पीते हैं तो कुछ लोग सरेआम शराब का सेवन करते हैं. मेरे मुंह से ये बात निकल गई और ऐसा नहीं है कि पीने वाले लोग सारे हैं. हालांकि, जिसने इसको आम किया है, वो फिरका एक ही है. भाजपा के जितने भी विधायक हैं, वो सभी हिंदू समाज से आते हैं. अगर मंदिरों के शहर में शराब की बिक्री हो रही है तो बेचने वाला भी एक ही है. यह भी पढ़ें : केरल की स्वास्थ्य मंत्री ‘आशा’ कार्यकर्ताओं का मुद्दा केंद्र के समक्ष उठाने के लिए दिल्ली पहुंचीं
उन्होंने आगे कहा, "आप खुद ही बता दीजिए कि जम्मू-कश्मीर में मुस्लिम समाज की दुकान कहां हैं? हालांकि, अगर किसी को मेरे बयान से ठेस पहुंची है तो मैं शर्मिंदा हूं. मेरा मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है बल्कि युवाओं और नस्लों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. मैंने जो देखा है, वही बात कही है. शादियों में शराब पीना आम बात है और मैं इसे एक त्योहार की तरह देखता हूं. अगर वहां खुलेआम शराब बांटी जाती है तो ये गलत है."
इससे पहले जम्मू की एक अदालत ने डोडा सीट से विधायक मेहराज मलिक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है. मलिक आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्य हैं, वह कई विवादों में घिरे हुए हैं. कोर्ट द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी करने के फैसले के बाद उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि वह कानून का सामना करेंगे.
उन्होंने कहा कि मुझे इस वक्त नहीं पता कि क्या मामला है, मैं पता करूंगा. कुछ लोग हैं जिन्होंने मुझे राजनीति सिखाई, आपके पास जीता-जागता सबूत है. मैंने हमेशा ईमानदारी की सियासत की है. हालांकि, कुछ लोगों ने मुझे राजनीति में घसीटने की कोशिश की और मुझे बेईमानी की राजनीति सिखाई. मुझे तैरना नहीं आता था, तब धक्का देकर मुझे दरिया में गिरा दिया गया, अब मुझे तैरना आ गया है. इसके बाद अब कोई कानून का इस्तेमाल करके मुझे कटघरे में खड़ा करना चाहते हैं, वहां पर जलील करना चाहते हैं, मुझे बेड़ियां लगवाना चाहते हैं. लेकिन, उन लोगों को पता है कि कानून में इंसाफ है और इंसाफ अगर हो गया तो कानून भी सीखेंगे. आज हमारा नंबर है तो अगला नंबर उनका भी होगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 20, 2025 12:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

