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Aadhaar Face Authentication: आधार फेस ऑथेंटिकेशन से हुए 130 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन; केंद्र सरकार

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के द्वारा विकसित किए गए आधार फेस ऑथेंटिकेशन सॉल्यूशन से ट्रांजैक्शन में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है और इस सिस्टम के जरिए हुए कुल लेनदेन में से 78 प्रतिशत अकेले वित्त वर्ष 2024-25 में दर्ज किए गए हैं.

Aadhaar Face Authentication: आधार फेस ऑथेंटिकेशन से हुए 130 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन; केंद्र सरकार

नई दिल्ली, 2 अप्रैल : भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के द्वारा विकसित किए गए आधार फेस ऑथेंटिकेशन सॉल्यूशन से ट्रांजैक्शन में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है और इस सिस्टम के जरिए हुए कुल लेनदेन में से 78 प्रतिशत अकेले वित्त वर्ष 2024-25 में दर्ज किए गए हैं. आधार फेस ऑथेंटिकेशन सॉल्यूशन को अक्टूबर 2022 में शुरू किया गया था. इसके माध्यम से अब तक करीब 130.5 करोड़ लेनदेन हो चुके हैं, जिसमें से 102 करोड़ वित्त वर्ष 2024-25 में दर्ज किए गए हैं.

आईटी मंत्रालय ने बयान में कहा कि इसका बढ़ता उपयोग दिखाता है कि लोग इसे तेजी से अपना रहे हैं और आधार नंबर धारकों को इससे फायदा हो रहा है. अकेले जनवरी-मार्च अवधि में करीब 39.5 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड किए गए थे. इसमें से अकेले मार्च में 15.25 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए हैं, जो इसकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है. यह भी पढ़ें : डेमोक्रेटिक पार्टी समर्थित सुसन क्रॉफोर्ड ने ‘विस्कॉन्सिन सुप्रीम कोर्ट’ सीट पर जीत दर्ज की

मंत्रालय ने कहा, "यह उपलब्धि फिनटेक, फाइनेंस और दूरसंचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में इस नए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सिस्टम के प्रति बढ़ते विश्वास और स्वीकृति को दिखाती है." कई सरकारी सेवाएं लक्षित लाभार्थियों तक लाभ की सुचारू डिलीवरी के लिए इसका उपयोग कर रही हैं. साथ ही, पीएम आवास (शहरी), पीएम ई-ड्राइव, पीएम-जेएवाई, पीएम उज्ज्वला, पीएम किसान, पीएम इंटर्नशिप सहित कई प्रमुख योजनाओं में आधार फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग किया जा रहा है. मौजूदा समय में सरकारी और निजी क्षेत्र की 102 संस्थाएं आधार फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग कर रही हैं.

यह एआई-आधारित मोडैलिटी एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर काम करती है. यह किसी भी वीडियो रीप्ले अटैक और असामाजिक तत्वों द्वारा स्टैटिक फोटो ऑथेंटिकेशन प्रयासों के खिलाफ सुरक्षित है. मंत्रालय ने कहा कि यह ऑथेंटिकेशन मोडैलिटी उपयोगकर्ताओं को केवल फेस स्कैन के साथ अपनी पहचान सत्यापित करने में सक्षम बनाता है, जिससे यूजर्स को वेरिफिकेशन में आसानी होती है और साथ ही इसमें कड़े सुरक्षा मानकों को बनाए रखा जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 02, 2025 11:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).