Aadhaar Card Update: क्या आधार कार्ड में बार-बार बदली जा सकती है जन्मतिथि? UIDAI ने जारी किए नए व कड़े दिशानिर्देश

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार कार्ड में जन्मतिथि अपडेट करने के नियमों को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है. यूआईडीएआई के अनुसार, हालांकि जन्मतिथि सुधार के लिए कोई तय संख्यात्मक सीमा नहीं है, लेकिन पहली बार के बदलाव के बाद दोबारा जन्मतिथि अपडेट कराने की प्रक्रिया को बेहद सख्त बना दिया गया है.

Scroll below to know different ways to download Aadhaar card (Photo Credits: X/@UIDAI)

नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि (Date of Birth) में संशोधन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सामान्य परिस्थितियों में जन्मतिथि में बार-बार बदलाव की अनुमति नहीं दी जाती है. हालांकि, तकनीकी या मानवीय त्रुटियों के सुधार के लिए कोई निश्चित सीमा तय नहीं है, लेकिन पहली बार के संशोधन के बाद आगे के बदलावों के लिए कड़े नियमों और विशेष सत्यापन प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा.

यूआईडीएआई का कहना है कि यह सख्त व्यवस्था पहचान की प्रमाणिकता बनाए रखने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए होने वाले दुरुपयोग को रोकने के लिए लागू की गई है. यह भी पढ़ें: UIDAI का बड़ा फैसला: बंद होने जा रहा है पुराना mAadhaar ऐप, एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर्स के साथ लॉन्च हुआ नया आधार एप्लीकेशन

पहली बार जन्मतिथि अपडेट कराने के नियम

मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत पहली बार जन्मतिथि में बदलाव केवल कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में ही स्वीकार किया जाता है:

UIDAI ने जन्म तिथि (DoB) अपडेट करने के बारे में अपडेट शेयर किया

दोबारा बदलाव के लिए सख्त प्रोटोकॉल और अनिवार्य दस्तावेज

यदि किसी नागरिक की जन्मतिथि पहले ही एक बार सत्यापित (Verified) हो चुकी है, तो उसके बाद किसी भी संशोधन को केवल 'अपवाद' मानकर कड़ी जांच से गुजारा जाएगा:

फर्जीवाड़े पर आधार डिएक्टिवेट होने का खतरा

यूआईडीएआई ने नागरिकों को उन मामलों में जन्मतिथि सही करने का अंतिम अवसर भी दिया है, जहां पूर्व में गलत या भ्रामक दस्तावेजों के आधार पर प्रविष्टि दर्ज कराई गई थी.

हालांकि, इस समीक्षा प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और सत्यापन तंत्र पूरी तरह सक्रिय रहेगा:

विदेशी नागरिकों के लिए विशेष नियम

भारत में रहने वाले विदेशी निवासियों के लिए जन्मतिथि सुधार के नियम पूरी तरह ऑपरेटर त्रुटियों तक ही सीमित रखे गए हैं. उनके मामले में जन्मतिथि का मिलान उनके मूल पहचान-सह-जन्मतिथि प्रमाण दस्तावेज और स्व-घोषणा (Self-declaration) के आधार पर ही किया जाएगा.

 

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