Uttar Pradesh: दुष्कर्म के 27 वर्ष बाद सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: IANS)

शाहजहांपुर (उप्र), 6 मार्च : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शाहजहांपुर में 12 साल की उम्र में कथित रूप से दुष्कर्म (Misdeed) का शिकार हुई पीड़िता ने घटना के 27 वर्ष बाद अदालत के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है. घटना के बाद किशोरी गर्भवती हो गई थी और उसने एक बच्चे को जन्म दिया था. बड़े होने पर बच्चे ने अपने पिता का नाम जानने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस अधीक्षक (नगर) संजय कुमार ने शनिवार को बताया कि करीब 27 वर्ष पहले किशोरी अपनी बहन और बहनोई के घर शाहजहांपुर (Shahjahanpur) में रहती थी. इस दौरान उसी मोहल्ले में रहने वाला नाकी हसन एक दिन उसके घर में घुस आया और उसने किशोरी से दुष्कर्म किया. पुलिस अधिकारी ने महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर बताया कि हसन के बाद उसके छोटे भाई गुड्डू ने भी किशारी के साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया.

कुमार ने बताया कि उस वक्त पीड़िता की उम्र 12 साल थी.

महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि 13 साल की उम्र में वह गर्भवती हो गई थी और 1994 में उसने एक बच्चे को जन्म दिया था. इस बच्चे को शाहाबाद क्षेत्र के उधमपुर गांव के एक व्यक्ति को दे दिया गया. इसी बीच पीड़िता के बहनोई का स्थानांतरण रामपुर जिले में हो गया और किशोरी भी उनके साथ चली गई. पुलिस अधिकारी ने बताया कि बहनोई ने किशोरी की शादी गाजीपुर जिले के एक व्यक्ति के साथ करा दी, परंतु 10 वर्ष बाद जब उसके पति को दुष्कर्म की घटना का पता चला तो उसने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया. इसके बाद महिला अपने गांव आकर रहने लगी. कुमार ने बताया कि अब तक महिला का बेटा बड़ा हो गया था और उसने अपने माता पिता के बारे में जानना चाहा तो उसे उसकी मां का नाम बता दिया गया. यह भी पढ़ें : उत्तर प्रदेश: अलीगढ़ में हरियाणा रोडवेज की दो बसों में टक्कर, 4 की मौत

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इसके बाद बेटे ने अपनी मां से मुलाकात की और उसे पूरी घटना की जानकारी मिली.

महिला की शिकायत पर सदर बाजार पुलिस थाने में दो लोगों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है.

कुमार ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तथा पीड़िता के बेटे का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा.

पुलिस द्वारा महिला की शिकायत पर ध्यान नहीं देने पर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया था.