8th Pay Commission: इस हफ्ते कोलकाता में होगी अहम बैठक; केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बदलाव पर चर्चा तेज

आठवां केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) देशव्यापी संपर्क अभियान के तहत 9 और 10 जुलाई 2026 को कोलकाता में विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और हितधारकों के साथ बैठक करने जा रहा है. इस दौरान सैलरी स्ट्रक्चर और पेंशन लाभों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.

8वां वेतन आयोग (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली/कोलकाता: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। आठवां केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) अपने देशव्यापी संपर्क और परामर्श कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए इस सप्ताह पश्चिम बंगाल के कोलकाता में महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित करने जा रहा है. आयोग 9 और 10 जुलाई 2026 को कोलकाता में केंद्रीय सरकारी संगठनों, संस्थानों, कर्मचारी यूनियनों और विभिन्न संघों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा. इस दो दिवसीय दौरे का मुख्य उद्देश्य नए वेतन ढांचे (सैलरी स्ट्रक्चर), भत्तों और पेंशन लाभों के पुनरीक्षण (रिवीजन) पर सीधे जमीन से जुड़े हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) की राय और सुझाव जानना है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की मांग क्यों उठी? जानिए पूरा गणित

ओडिशा के बाद अब बंगाल में मंथन

कोलकाता का यह दौरा वेतन आयोग की उस व्यापक परामर्श प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत हाल ही में 6 और 7 जुलाई को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में कर्मचारी और पेंशनभोगी समूहों के साथ गहन चर्चा की गई थी. इसके पहले आयोग उत्तर प्रदेश के लखनऊ का भी दौरा कर चुका है.

कोलकाता में होने वाली इन बैठकों में भाग लेने के लिए आयोग ने पहले ही कुछ प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक दिशानिर्देश तय किए थे. जो संगठन या यूनियन आयोग के सामने अपनी बात रखना चाहते थे, उन्हें एक "यूनिक मेमो आईडी" (Unique Memo ID) प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया था। यह आईडी आठवें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ज्ञापन (मेमोरेंडम) सफलतापूर्वक दर्ज करने के बाद मिलती है. उल्लेखनीय है कि इसके लिए आवेदन करने की अंतिम समयसीमा 15 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है.

क्या है 8वें वेतन आयोग का दायरा और समयसीमा?

केंद्र सरकार ने लाखों सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे की व्यापक समीक्षा करने के लिए नवंबर 2025 में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का औपचारिक गठन किया था. सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में काम कर रहे इस आयोग को अपनी अंतिम सिफारिशें और रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. आयोग की ये सिफारिशें देश भर के लाखों सेवारत और रिटायर्ड कर्मचारियों के वित्तीय भविष्य को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगी.

इन मुख्य आर्थिक और प्रशासनिक कारकों की हो रही समीक्षा

नवंबर 2025 में जारी आयोग के 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) यानी कार्यक्षेत्र के मुताबिक, अंतिम रिपोर्ट तैयार करते समय पैनल कई प्रमुख आर्थिक और प्रशासनिक संकेतकों का बारीकी से मूल्यांकन कर रहा है. इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

इसके अतिरिक्त, हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार वेतन आयोग रेलवे कर्मचारियों के काम करने के तौर-तरीकों, उनकी ड्यूटी की जटिलताओं और उसमें शामिल जोखिमों का भी जमीनी अध्ययन करने की योजना बना रहा है, ताकि वेतन और जोखिम भत्तों का निर्धारण अधिक व्यावहारिक तरीके से किया जा सके. आयोग अपने 18 महीने के निर्धारित कार्यकाल के भीतर इन क्षेत्रीय दौरों के जरिए हर वर्ग की आवाज को अपनी अंतिम सिफारिशों में शामिल करना चाहता है.

 

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