8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में बढ़ सकती है सालाना वेतन वृद्धि, DA मर्ज होने से 7 साल में दोगुनी हो सकती है सैलरी
8वें वेतन आयोग को मिले इन सभी प्रस्तावों की समीक्षा की जाएगी. इसके बाद आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा. अंतिम फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) द्वारा लिया जाएगा. यदि सरकार इन प्रस्तावों को मंजूरी देती है, तो इसका लाभ लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा.
8th Pay Commission Salary Calculator: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ी मांग सामने आई है. विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पेंशनर संघों ने सरकार से सालाना वेतन वृद्धि (Annual Increment) बढ़ाने और महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) को बेसिक सैलरी में स्वतः मर्ज करने की सिफारिश की है. कर्मचारी संगठनों का दावा है कि यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की सकल मासिक सैलरी (Gross Salary) अगले सात वर्षों में लगभग दोगुनी हो सकती है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: आठवां वेतन आयोग परामर्श के लिए जाएगा चंडीगढ़; जानें बैठक की तारीखें, पात्रता और ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया
फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को हर साल 3% वार्षिक वेतन वृद्धि मिलती है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह दर पर्याप्त नहीं है और इसे बढ़ाया जाना चाहिए.
कर्मचारी संगठनों ने क्या-क्या सुझाव दिए हैं?
8वें वेतन आयोग को सौंपे गए ज्ञापनों में अलग-अलग संगठनों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं.
नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और AIDEF ने 6% वार्षिक वेतन वृद्धि की सिफारिश की है. साथ ही सभी भत्तों को तीन गुना करने और भविष्य में DA के साथ उन्हें जोड़ने का सुझाव दिया है.
ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने 7% वार्षिक वेतन वृद्धि और DA के 25% पहुंचते ही उसे बेसिक पे में मर्ज करने की मांग की है.
नेशनल फेडरेशन ऑफ पोस्टल एम्प्लॉइज (NFPE) ने भी 6% वार्षिक वृद्धि और 25% DA पर मर्जर का प्रस्ताव दिया है.
इंडियन रेलवे सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 5% वार्षिक वेतन वृद्धि और 50% DA होने पर बेसिक पे में मर्जर की सिफारिश की है.
प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच (PSNM) ने 7% वार्षिक वृद्धि तथा 50% DA पर मर्जर का प्रस्ताव रखा है.
7 साल में कैसे दोगुनी हो सकती है सैलरी?
कर्मचारी संगठनों द्वारा पेश किए गए अनुमान के अनुसार, यदि फिटमेंट फैक्टर 2.1 लागू किया जाता है, तो लेवल-1 कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 37,800 रुपये हो जाएगी.
इसके बाद यदि:
हर साल 7% कंपाउंड वार्षिक वेतन वृद्धि मिले,
और महंगाई भत्ता (DA) हर वर्ष लगभग 4% बढ़े,
तो जनवरी 2032 तक कर्मचारी की ग्रॉस सैलरी करीब 70,342 रुपये तक पहुंच सकती है.
यदि जनवरी 2033 में 25% DA को बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाता है, तो कुल मासिक वेतन बढ़कर 77,694 रुपये तक पहुंच सकता है. यानी शुरुआती वेतन की तुलना में लगभग 106% की बढ़ोतरी संभव है.
DA मर्ज होने से क्या होगा फायदा?
महंगाई भत्ता बेसिक वेतन में जुड़ने से सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA) और अन्य भत्ते भी बढ़े हुए बेसिक वेतन के आधार पर तय होंगे. इससे कर्मचारियों की कुल मासिक आय में बड़ा इजाफा हो सकता है.
आगे क्या होगा?
8वें वेतन आयोग को मिले इन सभी प्रस्तावों की समीक्षा की जाएगी. इसके बाद आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा. अंतिम फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) द्वारा लिया जाएगा. यदि सरकार इन प्रस्तावों को मंजूरी देती है, तो इसका लाभ लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा.