Telangana Crime: तेलंगाना में काला जादू के शक में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला को नीम के पेड़ से बांधकर पीटा, 14 ग्रामीणों पर केस दर्ज

तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले से अंधविश्वास और बर्बरता का झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. मंचल मंडल के नोमुला गांव में 23 सितंबर 2026 को ग्रामीणों की एक भीड़ ने काला जादू करने के शक में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला पल्लाती वेंकटम्मा को घर से घसीटकर एक धार्मिक स्थल के पास नीम के पेड़ से कपड़े से बांध दिया और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा.

Woman Assaulted Over Black Magic Suspicion in Telangana (Photo Credits: X/@SurajKrBauddh)

हैदराबाद: अंधविश्वास के चलते हिंसा और सामाजिक प्रताड़ना की घटनाओं पर सख्त कानूनों के बावजूद ग्रामीण इलाकों में अमानवीय कृत्य थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. The Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी हैदराबाद के पास रंगा रेड्डी जिले के नोमुला गांव में एक 65 वर्षीय गृहिणी पर जादू-टोना करने का झूठा आरोप लगाकर भीड़ ने बर्बर हमला किया.

पीड़िता पल्लाती वेंकटम्मा को पूजा स्थल के पास एक नीम के पेड़ से बांध दिया गया था. घटना 23 सितंबर की है, लेकिन सोमवार को हमले का खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला व्यापक चर्चा में आया और पुलिस हरकत में आई.

घर में घुसकर घसीटा, पेड़ से बांधकर पीटा

Telangana Today की रिपोर्ट के अनुसार, घटनाक्रम दोपहर के समय शुरू हुआ जब ग्रामीणों के एक समूह ने वेंकटम्मा के घर पर धावा बोला:

बीच-बचाव करने आए पति और बेटे पर भी हमला, कार तोड़ी

जब महिला के परिवारजनों ने इस बर्बरता का विरोध किया, तो भीड़ ने उन पर भी रहम नहीं दिखाया:

अफवाहों के चलते भड़की हिंसा: पुलिस ने दर्ज किया केस

ThePrint की रिपोर्ट और जांच अधिकारियों के अनुसार, यह हमला गांव में फैली उन अफवाहों के कारण भड़का, जिसमें आरोप लगाया गया था कि बुजुर्ग महिला ने हाल ही में एक नाबालिग लड़के और गर्भवती महिलाओं पर तांत्रिक क्रियाएं करने की कोशिश की थी.

महेश की तहरीर पर मंचल पुलिस स्टेशन ने 14 ग्रामीणों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं—जैसे धारा 118 (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना), धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से हमला) और धारा 351(2) (आपराधिक धमकी)—के तहत मामला दर्ज किया है.

पुलिस का रुख: 'अंधविश्वास के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं'

इब्राहिमपटनम के एसीपी (ACP) केवीएम राजू और महेश्वरम जोन के डीसीपी के. नारायण रेड्डी ने बताया कि पुलिस ने एक मुख्य संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि बाकी नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें दबिश दे रही हैं.

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह के अंधविश्वास, अफवाह या जादू-टोने के संदेह के आधार पर कानून हाथ में लेने या हिंसा करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती. पुलिस ने ग्रामीणों को सख्त चेतावनी दी है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

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