Wayanad Landslide: केरल के वायनाड में टनल प्रोजेक्ट साइट पर भूस्खलन, मलबे की चपेट में आने से 5 लोग घायल; NDRF तैनात (Watch Videos)
केरल के वायनाड जिले में भारी बारिश के बाद मेप्पडी के पास कल्लाडी में एक निर्माणाधीन टनल परियोजना स्थल पर मंगलवार को बड़ा भूस्खलन हुआ. इस हादसे में 5 लोग घायल हो गए हैं और मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका के बीच एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुट गई हैं.
वायनाड: केरल (Kerala) के पहाड़ी जिले वायनाड (Wayanad) में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मंगलवार (7 जुलाई 2026) को एक बड़ा हादसा हो गया. मेप्पडी (Meppady) के पास कल्लाडी में वायनाड-मल्लपुरम ट्विन-टनल (जुड़वां सुरंग) सड़क परियोजना के निर्माण स्थल पर एक पहाड़ी का हिस्सा ढह गया. भूस्खलन के कारण भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें नीचे आ गिरीं, जिसकी चपेट में आने से पांच लोग घायल हो गए. केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Kerala State Disaster Management Authority) (KSDMA) के अनुसार, सभी घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल किसी के हताहत (मृत्यु) होने की सूचना नहीं है, लेकिन मलबे में कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते युद्ध स्तर पर तलाश अभियान चलाया जा रहा है. यह भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से तबाही: नदी जैसी बही कीचड़, क्वार जलविद्युत परियोजना के पास मलबे में दबीं गाड़ियां, डोडा-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे बंद (Watch Video)
टनल प्रोजेक्ट साइट और मजदूरों के आवास प्रभावित
यह घटना मीनाक्षी ब्रिज के पास हुई, जहां मल्लपुरम और वायनाड जिलों के बीच संपर्क सुधारने के लिए अनाक्कमपोयिल-कल्लाडी-मेप्पडी सुरंग मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है. भूस्खलन के ठीक बाद स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए टनल प्रोजेक्ट के निर्माण श्रमिकों द्वारा उपयोग किए जा रहे एक अस्थायी आवास से कम से कम तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. मलबे की चपेट में आने से वहां खड़े निर्माण कार्य और श्रमिकों से जुड़े कई वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं. इस क्षेत्र में कुछ स्थानीय घर और होमस्टे भी मौजूद हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है.
एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें रेस्क्यू में जुटीं
आपातकालीन स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF) की कई इकाइयों को तुरंत घटना स्थल पर तैनात किया गया है. मीनांगडी में तैनात एनडीआरएफ की नजदीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई, जबकि कोझिकोड से एक अतिरिक्त इकाई को राहत और बचाव कार्य में सहायता के लिए वायनाड भेजा गया है. कल्पेट्टा से दमकल और बचाव सेवा के कर्मी तथा स्थानीय पुलिस भी मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों की तलाश में जुटी हुई है.
भारी बारिश के कारण कल्लाडी सुरंग परियोजना में भूस्खलन हुआ
मुख्यमंत्री ने बुलाई आपातकालीन बैठक
इस प्राकृतिक आपदा पर संज्ञान लेते हुए केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने स्थिति की समीक्षा के लिए वायनाड के मंत्री टी. सिद्दीकी के साथ एक आपातकालीन बैठक की. मुख्यमंत्री ने वायनाड के जिला कलेक्टर से फोन पर बात कर जमीनी हालात और फील्ड ऑपरेशन्स का जायजा लिया. उन्होंने राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार और मंत्री टी. सिद्दीकी को तुरंत प्रभावित स्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया है ताकि राहत और बचाव कार्यों की सीधे निगरानी की जा सके.
क्षेत्र का भौगोलिक संदर्भ
कल्लाडी का यह क्षेत्र भूस्खलन के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है. गौरतलब है कि यह घटना स्थल मीनाक्षी क्षेत्र के पास स्थित है, जो चूरलमाला से महज चार किलोमीटर की दूरी पर है. चूरलमाला और मुंडक्कई वही इलाके हैं जहां जुलाई 2024 में आए विनाशकारी भूस्खलन में 400 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और पूरे गांव तबाह हो गए थे. वर्तमान में कल्लाडी क्षेत्र पर प्रशासन कड़ी नजर रख रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति या वाहन न फंसा रह जाए.