मुख्यमंत्री के रूप में सिद्दारमैया के पिछले कार्यकाल के दौरान 4,000 किसानों ने आत्महत्या की: कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कतील ने शनिवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के रूप में सिद्दारमैया के पिछले कार्यकाल के दौरान राज्य में 4,000 किसानों ने आत्महत्या की थी.
विजयपुरा, 4 नवंबर : कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कतील ने शनिवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के रूप में सिद्दारमैया के पिछले कार्यकाल के दौरान राज्य में 4,000 किसानों ने आत्महत्या की थी. नलिन कुमार ने विजयपुरा में संवाददाताओं से कहा, "पिछले पांच महीनों में जब से वह दोबारा मुख्यमंत्री बने हैं, 50 से अधिक किसानों ने आत्महत्या कर ली है." भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अकेले विजयपुरा जिले में 18 किसानों ने आत्महत्या की है. सूखे की स्थिति के बीच, मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के लिए किसानों के हितों को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण नहीं है. वह नाश्ते की बैठकों की व्यवस्था करने में व्यस्त हैं.
सरकार ने उन किसानों के परिवारों के लिए मुआवजा नहीं दिया है जिन्होंने अपना जीवन समाप्त कर लिया. आत्महत्याओं का सिलसिला जारी है. बताया जा रहा है कि राज्य में सूखे की स्थिति से किसान परेशान है. आगे कहा, ''लेकिन, मुख्यमंत्री सिद्दारमैया इससे बेपरवाह नजर आ रहे हैं. वह इस बारे में नहीं सोच रहे हैं. अगर किसानों की रक्षा होगी, तभी सिद्दारमैया के लिए अपना पद बचाना संभव है. अगर वह किसानों की उपेक्षा करते रहे तो उन्हें पद गंवाना पड़ेगा.'' कतील ने कहा कि सिद्दारमैया की सर्वोच्च प्राथमिकता अपनी कुर्सी बचाना है. वह इसे बचाने में पूरी तरह से तल्लीन हैं. सिद्दारमैया या कांग्रेस पार्टी द्वारा किसानों को बचाने के बारे में कोई विचार नहीं है. यह भी पढ़ें : तेलंगाना: कांग्रेस ने कालेश्वरम परियोजना को हुए ‘नुकसान’ की विशेषज्ञ समिति से जांच कराने की मांग की
सर्वदलीय नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय लेने की सिद्दारमैया की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कतील ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को प्रशासन की जानकारी नहीं है. वह दूसरी बार मुख्यमंत्री पद पर और दो बार वित्त मंत्री रह चुके हैं. राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) की धनराशि जारी करने के लिए दिशानिर्देश हैं. जब बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री थे तो राज्य बाढ़ की चपेट में था. उन्होंने घर-घर जाकर पीड़ितों को 5 लाख रुपये के चेक बांटे थे. उन्होंने आरोप लगाया, "यह मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की जिम्मेदारी है कि वे तुरंत मुआवजा वितरित करें. लेकिन, वह सूखे के दौरान राजनीति कर रहे हैं."
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 04, 2023 04:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

