यूपी बजट 2021-22 की अन्य प्रमुख बातें
• कानपुर मेट्रो रेल परियोजना की अनुमोदित लागत 11,076 करोड़ रूपये है. वित्तीय वर्ष 2021-2022 के बजट में परियोजना हेतु 597 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के प्राथमिक सेक्शन आईआईटी कानपुर से मोतीझील पर ट्रायल रन शुरु करने की लक्षित तिथि है.
• यूपी सरकार के मिशन शक्ति को और आगे बढ़ाया जाएगा. इसके अलावा सामूहिक विवाह योजना का विस्तार किया जाएगा.
• मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना लाई जाएगी जिसके तहत आंगनवाड़ी केंद्रों पर कुपोषित बच्चों अतिरिक्त पोषण दिया जाएगा. इसके अलावा राज्य में महिला शक्ति केंद्र बनाने का ऐलान भी किया गया है.
• महिला सामर्थ्य योजना को अब प्रदेश में लागू किया जाएगा. प्रदेश में बंद पड़ी सभी कताई मिलों का जीर्णोद्धार किया जाएगा.
• मेरठ में स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय बनाया जाएगा, ग्रामीण क्षेत्रों में ओपन जिम बनाए जाएंगे. प्रदेश के 19 जनपदों में कुल 40 छात्रावास बनाए जाएंगे. युवा खेल विकास एवं प्रोत्साहन योजना के लिए 8.55 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है.
• किसानों को रियायती दरों पर कर्ज दिया जाएगा, इसके लिए 400 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रस्ताव.
• अभ्युदय योजना के तहत छात्रों को टैबलेट दिए जाएंगे. युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग प्रदान करने के उद्देश्य से देश सरकार ने हाल ही में एक अभिनव पहल करते हुए यह योजना प्रारम्भ की गयी है. प्रदेश के 12 जनपदों में मॉडल करियर सेंटर स्थापित किए जाने की योजना प्रस्तावित है.
• प्रदेश के बच्चों के सर्वांगीण शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित पुष्टाहार कार्यक्रम के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 4,094 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है. राष्ट्रीय पोषण अभियान के लिए 415 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है.
• महिला शक्ति केंद्रों की स्थापना के लिए बजट में 32 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है.
• संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत निर्धन छात्रों को गुरुकुल पद्धत्ति के अनुरूप निःशुल्क छात्रावास व भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.
• अलग-अलग जनपदों में अधिवक्ताओं के लिए चेंबर बनाए जाएंगे, किताबें भी दी जाएंगी.
• महिलाओं एवं बच्चों में कुपोषण की समस्या के निदान के लिए मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 से क्रियान्वित की जाएगी। इस योजना के लिए बजट में 100 करोड़ की व्यवस्था की गई है.
• ग्रामीण भू-स्वामियों को स्थायी व निरंतर आय का स्रोत प्रदान करने हेतु प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15,000 सोलर पम्प की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है.