यूपी : हर जिले की रिपोर्ट सीएम के पास, कई अफसर रडार पर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर चीज की निगरानी खुद कर रहे हैं. वह आम लोगों से जुड़ी शिकायतों की खुद रोजाना मॉनिटरिंग कर रहे हैं. जनता दर्शन, जनसुनवाई समाधान प्रणाली (आईजीआरएस) और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों की रोजाना उन्हें रिपोर्ट दी जा रही है. सीएम के पास आम लोगों की शिकायतों से जुड़ी हर जिले की रिपोर्ट है और इसी के आधार पर जिले के कई अफसर रडार पर हैं. जल्द कई जिलों में अफसरों पर कार्रवाई होगी.
लखनऊ, 20 अगस्त: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर चीज की निगरानी खुद कर रहे हैं. वह आम लोगों से जुड़ी शिकायतों की खुद रोजाना मॉनिटरिंग कर रहे हैं. जनता दर्शन, जनसुनवाई समाधान प्रणाली (आईजीआरएस) और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों की रोजाना उन्हें रिपोर्ट दी जा रही है. सीएम के पास आम लोगों की शिकायतों से जुड़ी हर जिले की रिपोर्ट है और इसी के आधार पर जिले के कई अफसर रडार पर हैं. जल्द कई जिलों में अफसरों पर कार्रवाई होगी. यह भी पढ़ें: सीएम योगी ने दी बलिया को मेडिकल कॉलेज व स्मारक की सौगात
योगी 2.0 में आम लोगों की शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता के आधार पर अफसरों को दंड और इनाम मिल रहा है, अच्छा काम करने वालों अफसरों को प्राइम पोस्टिंग मिल रही है, तो खराब प्रदर्शन करने वालों को किनारे भी किया जा रहा है. हाल ही में ऐसे कई अफसरों को निलंबित करने से लेकर प्रतिकूल प्रविष्टि तक दी गई है. सीएम योगी के जनता दर्शन में पहुंच रही हर शिकायतों का गहनता से परीक्षण किया जा रहा है और ऐसे मामलों, जिनमें कार्यवाही की जरूरत है, उन्हें संबंधित अधिकारी को भेजा जा रहा है. कुछ मामलों में निचले स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही पर कार्रवाई भी की गई है,
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार मुख्यमंत्री योगी के जनता दर्शन में इस साल चार अप्रैल से 16 अगस्त तक 28,715 जनशिकायतें आई हैं. इसमें से 26,258 मामलों का निस्तारण हो चुका है. 3,329 संवेदनशील मामलों में उसी दिन सीएम कार्यालय की ओर से फोन पर बात कर आख्या ली गई है और 2,677 मामलों में अनुमोदन किया गया है. 591 आख्याओं को संतोषजनक नहीं होने पर आपत्ति के साथ वापस किया गया है और तब तक वापस किया जा रहा है, जब तक गुणवत्तापरक निस्तारण न हो जाए.
मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में शिकायतों की ऐसी भी फेहरिस्त है, जो बार-बार की जाती हैं. इनमें ज्यादातर मामले ऐसे हैं, जो मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र के बाहर हैं. कई मामले चिकित्सकीय आर्थिक सहायता के होते हैं, जिनमें मुख्यमंत्री की ओर से संबंधित सूचीबद्ध अस्पताल में प्राथमिकता के आधार पर धनराशि भेजी जाती है, ऐसे आर्थिक सहायता के रोजाना पांच से 25 प्रार्थना-पत्र मिलते हैं. सीएम योगी ने कई बार तो जनता दर्शन में ही दिव्यांगों को व्हील चेयर, इलेक्ट्रिक स्टिक और श्रवण यंत्र आदि दिए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 20, 2022 11:21 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

