The Vvaan Movie Review: सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म 'द वन' में एक्शन, इमोशन और पौराणिक रहस्य का शानदार संगम
'द व्वान: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' पौराणिक कथाओं, लोककथाओं, रहस्य, एक्शन, इमोशन और हास्य का बेहतरीन मिश्रण है. अगर आप मिथोलॉजी और सुपरनैचुरल ड्रामा पसंद करते हैं, तो यह फिल्म इस वीकेंड थिएटर में देखने लायक है.
The Vvaan: Force of the Forrest Movie Review: सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया स्टारर 'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. रिलीज से पहले इस फिल्म की तुलना ऋषभ शेट्टी की 'कांतारा' से की जा रही थी, लेकिन 'द व्वान' अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहती है. उत्तर भारत की लोककथाओं, पौराणिक मान्यताओं और अलौकिक शक्तियों पर आधारित यह फिल्म एक्शन, इमोशन और फैमिली एंटरटेनमेंट का बेहतरीन मिश्रण पेश करती है. यह भी पढ़ें: Awarapan 2 Movie Review: इमरान हाशमी की दमदार वापसी, प्यार, दर्द और मोचन की कहानी दिल जीत लेती है; जानें कैसी है 'आवारापन 2'
कैसी है 'द वन' की कहानी?
निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा की यह फिल्म ऋषि (सिद्धार्थ मल्होत्रा) की कहानी है, जो मुंबई से अपनी पत्नी ममता (तमन्ना भाटिया) के साथ पैतृक गांव देवांचल जमीन विवाद सुलझाने पहुंचता है. लेकिन यह पारिवारिक विवाद जल्द ही रहस्यमयी जंगल, प्राचीन मान्यताओं और अलौकिक शक्तियों से जुड़ जाता है.
देवांचल का जंगल वन देवी से जुड़ा हुआ माना जाता है और गांव में मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद इस जंगल में प्रवेश नहीं करना चाहिए. इसके बावजूद ऋषि इस रहस्यमयी जंगल की ओर खिंचा चला जाता है, जहां से फिल्म का रोमांचक सफर शुरू होता है.
जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, वन देवी, छठी मैया और एक दुष्ट अलौकिक शक्ति के बीच का संबंध सामने आता है. फिल्म अच्छाई और बुराई की लड़ाई को बड़े पैमाने पर दिखाती है और अंत में संभावित सीक्वल की भी झलक छोड़ती है.
अभिनय, निर्देशन और तकनीकी पक्ष
सिद्धार्थ मल्होत्रा ने शहर में रहने वाले एक सामान्य व्यक्ति के ग्रामीण और रहस्यमयी दुनिया में फंसने वाले किरदार को प्रभावशाली ढंग से निभाया है. तमन्ना भाटिया सिर्फ नायक की पत्नी तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि कहानी के भावनात्मक पक्ष को मजबूत बनाती हैं.
श्वेता तिवारी, अनूप सोनी, सुनील ग्रोवर, मनीष पॉल और सुलभा आर्या ने अपने-अपने किरदारों से फिल्म को और मजबूत बनाया है. खासतौर पर सुनील ग्रोवर का बहुआयामी किरदार दर्शकों को प्रभावित करता है.
फिल्म की कहानी आनंदेश्वर द्विवेदी और अरुणाभ कुमार ने लिखी है. संवाद प्रभावशाली हैं और हास्य का संतुलित इस्तेमाल फिल्म को हल्का-फुल्का बनाए रखता है. निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा ने पौराणिक और अलौकिक दुनिया को प्रभावी ढंग से पर्दे पर उतारा है.
तकनीकी रूप से फिल्म के VFX और बेहतर हो सकते थे, लेकिन यह फिल्म के अनुभव को ज्यादा प्रभावित नहीं करते. जंगल के दृश्यों की सिनेमैटोग्राफी शानदार है और बैकग्राउंड स्कोर रहस्य और रोमांच को और प्रभावशाली बनाता है. एडिटिंग भी फिल्म की गति बनाए रखती है.
फिल्म का फैसला (Verdict)
'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' पौराणिक कथाओं, लोककथाओं, रहस्य, एक्शन, इमोशन और हास्य का बेहतरीन मिश्रण है. अगर आप मिथोलॉजी और सुपरनैचुरल ड्रामा पसंद करते हैं, तो यह फिल्म इस वीकेंड थिएटर में देखने लायक है.
रेटिंग: 3.5/5 ⭐
'द वन' ट्रेलर - वीडियो देखें:
द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट का निर्माण बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड की ओर से शोभा कपूर और एकता आर कपूर और टीवीएफ मोशन पिक्चर्स प्रोडक्शंस की ओर से अरुणाभ कुमार और नीरज कोठारी द्वारा किया गया है.