Bharathiraja Passes Away: तमिल सिनेमा के दिग्गज निर्देशक-अभिनेता भारतीराजा का 85 वर्ष की उम्र में निधन, खुशबू सुंदर ने जताया गहरा शोक
तमिल सिनेमा में अपनी यथार्थवादी कहानियों से फिल्म निर्माण की परिभाषा बदलने वाले दिग्गज निर्देशक और अभिनेता भारतीराजा का चेन्नई में उम्र संबंधी बीमारियों के कारण निधन हो गया है. वे 85 वर्ष के थे. उनके निधन से दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है. अभिनेत्री और राजनेता खुशबू सुंदर सहित कई फिल्मी हस्तियों ने सोशल मीडिया पर इस महान फिल्म निर्माता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है.
Bharathiraja Passes Away: तमिल सिनेमा जगत (Tamil Film Industry) से आज एक बेहद दुखद और अपूरणीय क्षति की खबर सामने आई है. अपनी अनूठी और यथार्थवादी कहानी कहने की शैली के लिए मशहूर दिग्गज तमिल निर्देशक और अभिनेता भारतीराजा (Bharathiraja) का चेन्नई (Chennai) के एक अस्पताल में उम्र संबंधी बीमारियों (Age-Related Diseases) के कारण निधन हो गया. वे 85 वर्ष के थे. उनके निधन की खबर से दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग (Kollywood) और समूचे भारतीय सिनेमा में शोक की लहर व्याप्त हो गई है. फिल्म जगत के तमाम कलाकारों, निर्देशकों और प्रशंसकों ने इस महान फिल्म निर्माता को अपनी अंतिम विदाई दी है. यह भी पढ़ें: Dileep Raj Dies: कन्नड़ अभिनेता दिलीप राज का 47 साल की उम्र में निधन; दिल का दौरा पड़ने से गई जान
अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने व्यक्त किया गहरा आघात; बताया 'फिल्म मेकिंग का स्कूल'
भारतनीराजा के निधन पर वरिष्ठ अभिनेत्री, निर्माता और राजनेता खुशबू सुंदर (Kushboo Sundar) ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर एक अत्यंत भावुक शोक संदेश साझा किया. उन्होंने इस क्षति को खुद के लिए एक गहरा व्यक्तिगत आघात और तमिल सिनेमा के ऊपर 'उदासी का एक बड़ा बादल' करार दिया। खुशबू ने उन्हें फिल्म उद्योग के सबसे सम्मानित निर्देशकों में से एक के रूप में याद करते हुए कहा कि उनकी कमी सिनेमा प्रेमियों को हमेशा खलेगी.
खुशबू ने निर्देशक के स्थायी प्रभाव को रेखांकित करते हुए लिखा, "उनकी फिल्में सिनेमा जगत के लिए हमेशा एक बेंचमार्क (मानदंड) रही हैं और आने वाले समय में भी महत्वाकांक्षी निर्देशकों के लिए फिल्म निर्माण का वास्तविक स्कूल ('School of Filmmaking') बनी रहेंगी." उन्होंने एक व्यक्तिगत स्मृति साझा करते हुए बताया कि भारतनीराजा हमेशा उनके साथ दो चोटियों (Pigtails) वाले किरदार में एक फिल्म बनाने की इच्छा जताते थे, जो सपना अब हमेशा के लिए अधूरा रह गया.
खुशबू सुंदर ने भारतीराजा के निधन पर दुख व्यक्त किया
'इयक्कुनर इम्मयम': चार दशकों का शानदार सफर और क्लासिक फिल्में
भारतनीराजा ने अपने निर्देशन सफर की शुरुआत साल 1977 में आई समीक्षकों द्वारा बेहद प्रशंसित फिल्म '16 वयथिनिले' (16 Vayathinile) से की थी. इस ऐतिहासिक पहली ही फिल्म ने तमिल सिनेमा में ग्रामीण यथार्थवाद की एक नई लहर पैदा कर दी थी. चार दशकों से अधिक लंबे अपने शानदार करियर में उन्होंने 40 से अधिक फिल्मों का सफल निर्देशन किया. सिनेमा में उनके अभूतपूर्व और युगांतकारी योगदान के कारण उन्हें 'इयक्कुनर इम्मयम' (Iyakkunar Immayam - निर्देशकों का एवरेस्ट) की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया गया था.
उनकी कुछ सबसे प्रसिद्ध और कालजयी (Classic) फिल्मों की सूची इस प्रकार है:
- किझके पोगुम रैल (Kizhake Pogum Rail)
- सिगप्पु रोजाक्कल (Sigappu Rojakkal)
- अलाइगल ओइवथिल्लाई (Alaigal Oivathillai)
- काधल ओवियम (Kaadhal Oviyam)
- मुथल मरियाथाई (Mudhal Mariyathai)
निर्देशक के रूप में उनका अंतिम काम अमेज़ॅन प्राइम वीडियो की एंथोलॉजी सीरीज 'मॉडर्न लव चेन्नई' (Modern Love Chennai) का एक बहुप्रशंसित हिस्सा 'परवई कूटिल वाझुम मांगल' था.
एक अभिनेता के रूप में भी छोड़ी अमिट छाप; 'महाराजा' रही चर्चित फिल्म
निर्देशन के समानांतर, भारतनीराजा ने एक बेहद सफल और प्रभावशाली अभिनय करियर का भी आनंद लिया. हाल के वर्षों में उन्होंने कई बड़े बजट की फिल्मों में अपनी दमदार अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता. पर्दे पर उनकी सबसे हालिया उपस्थिति मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल स्टारर फिल्म 'थुदरम' (Thudarum) में देखी गई थी. वहीं, उनकी अनरिलीज्ड (आगामी) फिल्म 'पुलवर' (Pulavar) अभिनेता के रूप में उनकी अंतिम ऑन-स्क्रीन उपस्थिति दर्ज कराएगी.
इसके पूर्व, उन्होंने आयुध एझुथु, पांडियानाडु, ईस्वरन, तिरुचित्राम्बलम और पिछले साल बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही विजय सेतुपति की फिल्म महाराजा (Maharaja) में बेहद महत्वपूर्ण और यादगार भूमिकाएं निभाई थीं. उनके जाने से भारतीय सिनेमा ने अपनी जड़ों से जुड़ी कहानियां पर्दे पर उतारने वाले एक युगप्रवर्तक पुरोधा को खो दिया है.