Fact Check: क्या गोविंदा की कथित गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार लालबागचा राजा के दर्शन में सिंदूर लगाए दिखीं? जानिए वायरल दावों का सच

बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा का हाल ही में मुंबई के प्रसिद्ध 'लालबागचा राजा' पंडाल में सह-कलाकार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ बप्पा के दर्शन करने का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर शुरू हो गया. इंटरनेट पर कई उपयोगकर्ताओं और पोस्ट्स में दावा किया गया कि कोमल रानी माथे पर 'सिंदूर' लगाए नजर आ रही हैं, जिसे दोनों की गुप्त शादी के सबूत के तौर पर पेश किया जाने लगा।. हालांकि, कार्यक्रम के मूल वीडियो फुटेज और तस्वीरों की विस्तृत जांच (फैक्ट चेक) से यह दावा पूरी तरह भ्रामक और गलत साबित हुआ है.

मुंबई: मशहूर अभिनेता गोविंदा के पारिवारिक विवादों और निजी जीवन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सोशल मीडिया पर एक नई अफवाह ने जोर पकड़ लिया. गणेशोत्सव के दौरान मुंबई के विख्यात लालबागचा राजा गणपति पंडाल में गोविंदा अपनी सह-कलाकार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ दर्शन करने पहुंचे थे.

इस दर्शन के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वीडियो क्लिप्स साझा कर दावा किया जाने लगा कि कोमल रानी ने मांग या माथे पर सिंदूर लगा रखा है, जिससे दोनों के कथित तौर पर गुपचुप शादी रचाने की अटकलें लगाई जाने लगीं. हालांकि, वीडियो फुटेज के तथ्य-जांच में यह दावा पूरी तरह निराधार साबित हुआ है. यह भी पढ़े: Govinda-Sunita Ahuja Controversy: गोविंदा के अफेयर की चर्चाओं के बीच बेटे यशवर्धन संग बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचीं सुनीता आहूजा (Watch Video)

सोशल मीडिया पर क्या दावा किया जा रहा था?

वायरल वीडियो में गोविंदा सफेद कुर्ते-पायजामे में और कोमल रानी लाल व पीले रंग की पारंपरिक साड़ी और आभूषणों में भगवान गणेश के दर्शन करती नजर आईं:

गोविंदा और कोमल रानी स्वर्णकार बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे, बिना सिंदूर के दिखे

फैक्ट चेक: वीडियो फुटेज से सामने आई असल सच्चाई

जब घटनाक्रम के वीडियो फुटेज की फ्रेम-दर-फ्रेम पड़ताल की गई, तो दावों की पोल खुल गई:

लालबागचा राजा का आशीर्वाद लेने के बाद गोविंदा और कोमल रानी स्वर्णकार

निष्कर्ष: दावा पूरी तरह भ्रामक और गलत

तथ्यों की पड़ताल से यह स्पष्ट होता है कि लालबागचा राजा पंडाल में कोमल रानी स्वर्णकार के माथे पर दिख रहा लाल निशान वैवाहिक सिंदूर नहीं, बल्कि मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पुजारी द्वारा लगाया गया पारंपरिक धार्मिक तिलक था. इसे किसी अनौपचारिक विवाह या रिश्ते की पुष्टि के तौर पर प्रचारित करना पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है. पूर्व में भी गोविंदा की कानूनी टीम ने उनकी निजी जिंदगी को लेकर बिना सत्यापन के झूठी और आपत्तिजनक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी चेतावनी जारी की थी.

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