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'एहदा उथुगा जवानी च जनता मिठिये': मूसेवाला का काला पूर्वाभास और वेक-अप कॉल

क्या सिद्धू मूसेवाला को यह अहसास हुआ कि उनकी मृत्यु निकट है? क्या उन्होंने प्रशंसकों को उतना ही संकेत दिया? खैर, उनके अंतिम गीत 'द लास्ट राइड' के बोलों ने गीत और उनकी मृत्यु की परिस्थितियों के बीच अलौकिक समानता के कारण नेटिजन्स के बीच एक बहस शुरू कर दी है.

'एहदा उथुगा जवानी च जनता मिठिये': मूसेवाला का काला पूर्वाभास और वेक-अप कॉल
गायक सिद्धू मूसेवाला (Photo Credits: Instagram)

नई दिल्ली, 13 जून : क्या सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Musewala) को यह अहसास हुआ कि उनकी मृत्यु निकट है? क्या उन्होंने प्रशंसकों को उतना ही संकेत दिया? खैर, उनके अंतिम गीत 'द लास्ट राइड' के बोलों ने गीत और उनकी मृत्यु की परिस्थितियों के बीच अलौकिक समानता के कारण नेटिजन्स के बीच एक बहस शुरू कर दी है. गीत है, "हो छब्बर दे चेहरे उते नूर दासदा, नि एहदा उठुगा जवानी च जनता मिथिये (युवा लड़के की आंखों में सब कुछ प्रकट होता है कि अंतिम संस्कार उसकी युवावस्था में होगा)." यह गाना कथित तौर पर रैपर तुपैक शकूर को श्रद्धांजलि था, जिनकी 1996 में 25 साल की उम्र में उनकी कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

चौंकाने वाली बात यह है कि मानसा जिले के झावाहर के गांव में 28 वर्षीय सिद्धू को गैंगस्टरों ने दिनदहाड़े मार डाला. उन पर तीस राउंड गोलियां चलाई गईं - मकसद साफ था. पंजाब की बंदूक हिंसा और गैंगस्टर संस्कृति ने प्रशंसकों और दोस्तों की रीढ़ को हिला दिया है. यह कई बार कहा गया है कि पंजाब में कलाकारों को अक्सर 'घृणा से भरी टिप्पणियों, धमकियों और नकारात्मक ऊर्जा' के अधीन किया जाता है, जो वे करना पसंद करते हैं. परमीश वर्मा, 'गल नी कदनी', अभिनेता-गायक गिप्पी ग्रेवाल और गीतकार करण औजला जैसे गीतों के लिए जाने जाते हैं, कुछ प्रमुख पंजाबी कलाकार हैं जिन्हें अतीत में गैंगस्टरों द्वारा धमकी दी गई थी. यह भी पढ़ें : मूसेवाला हत्याकांड: पुणे पुलिस ने शूटर संतोष जाधव को पकड़ा

हाल ही में, मीका ने भी इस प्रवृत्ति की पुष्टि की जब उन्होंने बताया कि "गिप्पी गरेवाल और मनकीरत औलख सहित कई पंजाबी गायकों को भी धमकियां मिली हैं. और यह घटना सभी के लिए एक जागृत कॉल होनी चाहिए." नाम जाहिर न करने की शर्त पर एक पंजाबी गायक ने आईएएनएस से कहा कि राज्य के कलाकारों को गैंगस्टरों, बंदूकों और झगड़ों पर गीत लिखना बंद कर देना चाहिए. गायक ने कहा : "हमारी संस्कृति में बदलाव देखा गया है और इसके लिए हमें दोषी ठहराया जाना चाहिए. मुझे नहीं पता कि रैपर या गीतकार अपने एल्बम में खुद को गैंगस्टर कहना क्यों पसंद करते हैं. गैंगस्टर कौन हैं? क्या वे किसी अच्छे के लिए हैं? क्यों बनाते हैं यह संस्कृति बिना किसी कारण के प्रसिद्ध है?"

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाबी संस्कृति प्यार और खुशी के बारे में है. उन्होंने कहा कि गीतों का विषय यही होना चाहिए. उन्होंने कहा, "बंदूकों की आवश्यकता क्यों है? हमें बंदूकें और गैंगस्टा संस्कृति से अपनी पंजाबी संस्कृति में ट्रैक बदलने की जरूरत है." बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देने के आरोप के बाद 2020 में वापस, मूसेवाला को पंजाब पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत बुक किया था. यह एक्शन उनके गाने 'पंज गोलियां' के लिए लिया गया था.

गायक ने कहा, "मैं इस बंदूक मुद्दे को अभी नहीं खींचना चाहता. लेकिन हम इसे कब समझेंगे? सिद्धू (हत्या) के साथ जो कुछ भी हुआ उसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है. आज तक पूरी इंडस्ट्री सदमे में है. वह युवा विचारों वाला एक युवा था. एक मां ने अपना प्यारा बेटा खो दिया. एक पिता ने अपना गौरवान्वित पुत्र खो दिया. आरआईपी सिद्धू, तुम्हारी कमी खलेगी."

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 13, 2022 09:18 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).