Zomato Layoffs: जोमैटो के 240 हैदराबाद कर्मचारियों को मिलेगा 4 महीने का सेवरेंस पे, जानें क्या-क्या मिलेगा

जोमैटो ने हैदराबाद में अपने कस्टमर सपोर्ट ऑपरेशन को बंद करते हुए लगभग 240 कर्मचारियों की छंटनी की है. प्रभावित कर्मचारियों को 4 महीने का सेवरेंस पे और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी. इसके साथ ही कंपनी ने एनालॉग डेयरी उत्पादों पर भी बैन लगा दिया है.

Zomato Layoffs:  फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) ने अपने संगठनात्मक पुनर्गठन (Organizational Restructuring) के तहत हैदराबाद में कस्टमर सपोर्ट ऑपरेशन्स को बंद कर दिया है. इस फैसले से हैदराबाद सेंटर के लगभग 240 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं. कंपनी अब अपनी बची हुई इन-हाउस कस्टमर सपोर्ट टीम को गुरुग्राम स्थित मुख्यालय में एकीकृत कर रही है और बाहरी कस्टमर सर्विस पार्टनर के मॉडल पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

इसी के साथ, जोमैटो ने खाद्य सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड रेस्टोरेंट्स द्वारा 'एनालॉग डेयरी' (कृत्रिम या मिलावटी डेयरी उत्पाद) की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है.  यह भी पढ़े:  Zomato Layoffs: जोमैटो ने बंद किया हैदराबाद कस्टमर सपोर्ट सेंटर; करीब 250 कर्मचारियों की गई नौकरी, 4 महीने का मिलेगा सेवरेंस पैकेज

प्रभावित कर्मचारियों को मिलेगा 4 महीने का सेवरेंस पैकेज

कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए एक सहायता पैकेज की घोषणा की है:

क्यों बंद हुआ हैदराबाद का सपोर्ट सेंटर?

कंपनी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में जोमैटो का कस्टमर सपोर्ट मॉडल काफी बदला है. अब अधिकांश कस्टमर सपोर्ट का काम विशेषज्ञ बाहरी पार्टनर एजेंसियों के माध्यम से संभाला जा रहा है.

कंपनी का मानना है कि इन-हाउस टीम को प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी और बिजनेस एनालिटिक्स टीमों के करीब रहकर काम करना चाहिए, जो मुख्य रूप से गुरुग्राम हेडक्वार्टर में स्थित हैं. इस कारण हैदराबाद के ऑपरेशन्स को समेटकर एक ही जगह केंद्रित करने का निर्णय लिया गया है.

जोमैटो ने 'एनालॉग डेयरी' उत्पादों की बिक्री पर लगाया प्रतिबंध

छंटनी के अलावा, जोमैटो ने अपने ऐप पर लिस्टेड सभी रेस्टोरेंट पार्टनर्स के लिए एनालॉग डेयरी (Analogue Dairy Products) के उपयोग पर शून्य-सहनशीलता नीति (Zero-Tolerance Policy) लागू की है.

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा खाद्य सुरक्षा पर की गई सख्त कार्रवाई और FSSAI के दिशा-निर्देशों के बाद यह फैसला लिया गया है:

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