Axis Bank Layoffs: क्या एक्सिस बैंक में होगी कर्मचारियों की छंटनी? सीईओ अमिताभ चौधरी ने दी सफाई; बोले- 'नहीं निकाले जाएंगे कर्मचारी, AI से बढ़ेगी उत्पादकता'

देश के तीसरे सबसे बड़े निजी बैंक, एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ चौधरी ने बैंक में बड़े पैमाने पर छंटनी की अटकलों को खारिज किया है. ब्लूमबर्ग टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में चौधरी ने स्पष्ट किया कि बैंक कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकालेगा, हालांकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्रौद्योगिकी में निरंतर निवेश के चलते भविष्य में नई भर्तियों की गति पहले जैसी तेज नहीं रहेगी.

Axis Bank | Representational Image | (Photo Credits: PTI)

मुंबई: भारत के तीसरे सबसे बड़े निजी ऋणदाता एक्सिस बैंक (Axis Bank) में बड़े पैमाने पर छंटनी की आशंकाओं के बीच बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अमिताभ चौधरी ने स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा है कि बैंक कार्यबल में छंटनी (Layoffs) करने की योजना नहीं बना रहा है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से मौजूदा कार्यबल की उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.

ब्लूमबर्ग टेलीविजन के साथ बातचीत में चौधरी ने रेखांकित किया कि बैंक अब पहले की रफ्तार से नए कर्मचारियों की भर्ती जारी नहीं रखेगा. उन्होंने कहा कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से बैंक बिना कर्मचारियों की संख्या तेजी से बढ़ाए अपने कारोबारी विस्तार को आगे बढ़ा सकता है. यह भी पढ़ें: Oracle Layoffs: क्या सितंबर में फिर शुरू हुई छंटनी? AI निवेश के बीच कर्मचारियों में बढ़ी चिंता

छंटनी की अफवाहों पर सीईओ का जवाब: 'किसी को निकाला नहीं जाएगा'

छंटनी को लेकर कर्मचारियों और बाजार में उपजी चिंताओं पर अमिताभ चौधरी ने साफ तौर पर कहा:

400 नई शाखाएं खुलीं, फिर भी कुल कर्मचारियों की संख्या में 3% की गिरावट

वित्त वर्ष 2026 (FY26) के आंकड़ों के हवाले से Free Press Journal ने रिपोर्ट किया है कि बैंक के परिचालन मॉडल में उल्लेखनीय तकनीकी दक्षता देखी गई है:

वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र में AI और ऑटोमेशन का प्रभाव

एक्सिस बैंक का यह रुख वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में आ रहे तकनीकी बदलावों के अनुरूप है:

विदेशी मुद्रा प्रवाह और आगामी तिमाहियों में क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीद

साक्षात्कार के दौरान आर्थिक परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए अमिताभ चौधरी ने कहा कि भारतीय बैंकों में वर्तमान में विदेशी मुद्रा जमा (Foreign Currency Deposits) का एक बड़ा प्रवाह मौजूद है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जैसे-जैसे घरेलू ऋण मांग (Credit Growth) गति पकड़ेगी, अगले दो से तीन तिमाहियों में इस पूंजी को अर्थव्यवस्था और उत्पादक क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से तैनात कर दिया जाएगा.

Share Now