Rule Changes From August 1, 2026: 1 अगस्त से बदल जाएंगे 5 बड़े वित्तीय व प्रशासनिक नियम; जानें रसोई गैस, तत्काल टिकट और बैंकिंग बदलाव का असर
1 अगस्त 2026 से देश भर में रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों, रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग प्रणाली, क्रेडिट कार्ड शुल्क, सीकेवाईसी 2.0 और आयकर रिटर्न दाखिल करने की लेट फीस से जुड़े पांच बड़े नियम बदलने जा रहे हैं. जानें इन बदलावों का आपके मासिक बजट पर क्या असर पड़ेगा.
नई दिल्ली: 1 अगस्त 2026 से देश भर में आम नागरिकों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहा है. तेल कंपनियों द्वारा एलपीजी सिलेंडरों की मासिक समीक्षा से लेकर भारतीय रेलवे की तत्काल टिकट प्रणाली, बैंकों की क्रेडिट कार्ड नीतियों और वित्तीय क्षेत्र में CKYC 2.0 के क्रियान्वयन तक, ये बदलाव सीधे तौर पर आम आदमी की जेब और दैनिक सेवाओं को प्रभावित करेंगे. यह भी पढ़ें: Rule Change 1 August: LPG, तत्काल टिकट से लेकर टैक्स तक, 1 अगस्त से बदलेंगे ये 5 बड़े नियम; जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर
1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले 5 प्रमुख बदलाव और उनके संभावित प्रभाव इस प्रकार हैं:
1. एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में समीक्षा
हर महीने की पहली तारीख की तरह 1 अगस्त को भी सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी (LPG) सिलेंडरों के दामों की समीक्षा करेंगी.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए दरों में संशोधन की संभावना है. यदि कमर्शियल सिलेंडरों के दाम बढ़ते हैं, तो होटल, रेस्तरां और फूड डिलीवरी सेवाएं महंगी हो सकती हैं. वहीं, घरेलू रसोई गैस के दामों में बदलाव का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा.
2. भारतीय रेलवे: तत्काल टिकट बुकिंग के लिए नया टोकन सिस्टम
1 अगस्त से भारतीय रेलवे (विशेष रूप से पश्चिम मध्य रेलवे जोन) रिजर्वेशन काउंटरों पर भीड़भाड़ कम करने और पारदर्शिता लाने के लिए तत्काल टिकट बुकिंग हेतु नई टोकन प्रणाली लागू कर रहा है.
- समय सीमा निर्धारण: एसी (AC) श्रेणियों के तत्काल टिकट के लिए टोकन सुबह 8:30 से 9:00 बजे के बीच बांटे जाएंगे, जबकि नॉन-एसी श्रेणियों के लिए टोकन सुबह 9:00 से 9:30 बजे के बीच दिए जाएंगे.
- दोहरी कतार से राहत: इस व्यवस्था से यात्रियों को टोकन और टिकट के लिए बार-बार अलग-अलग कतारों में लगने से राहत मिलेगी.
- कैटेगरी ए और बी: स्वयं या प्रत्यक्ष परिवार के लिए टिकट बुक करने वालों को 'कैटेगरी ए' में प्राथमिकता दी जाएगी.
3. बैंकों के क्रेडिट कार्ड नियमों व शुल्कों में संशोधन
कई प्रमुख सार्वजनिक व निजी बैंक 1 अगस्त से अपने क्रेडिट कार्ड नियमों में संशोधन कर रहे हैं.
इसके तहत रिवॉर्ड पॉइंट्स (Reward Points) के रिडेम्पशन ढांचे, वार्षिक रखरखाव शुल्क (Annual Fee), बिल भुगतान पर लगने वाले सर्विस चार्ज और लेट पेमेंट पेनाल्टी में बदलाव देखने को मिल सकते हैं. कार्डधारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने संबंधित बैंकों द्वारा जारी नई दरों और शर्तों की समीक्षा कर लें.
4. आईटीआर फाइलिंग की समय सीमा समाप्त, अब लगेगी लेट फीस
वेतनभोगी वर्ग और गैर-ऑडिट वाले करदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) का आयकर रिटर्न (ITR) बिना पेनल्टी के दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है.
1 अगस्त से रिटर्न दाखिल करने पर धारा 234F के तहत ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक की लेट फीस (Belated Return) देनी होगी. इसके अलावा, करदाता समय पर आईटीआर न भरने की स्थिति में पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) का चयन करने का विकल्प भी गंवा सकते हैं.
5. CKYC 2.0 का चरणबद्ध क्रियान्वयन शुरू
1 अगस्त से बैंकिंग, बीमा और म्यूचुअल फंड क्षेत्र में 'सेंट्रल नो योर कस्टमर' यानी CKYC 2.0 प्रणाली की शुरुआत हो रही है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), सेबी (SEBI) और इरडाई (IRDAI) द्वारा संचालित यह आधुनिक रजिस्ट्री ग्राहकों का एक एकीकृत डिजिटल आईडी (Unified Customer ID) बनाएगी. डिजिटल सहमति के बाद वित्तीय संस्थान केंद्रीय डेटाबेस से सीधे सत्यापन कर सकेंगे, जिससे नया बैंक खाता खोलने, बीमा पॉलिसी लेने या शेयर बाजार में निवेश करते समय बार-बार कागजी दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी.