EPFO New Update: ईपीएफओ का बड़ा प्लान! स्वरोजगार, गिग और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को भी मिल सकता है PF और पेंशन का लाभ

प्रस्तावित यूनिवर्सल पीएफ योजना का जमा (Accumulation) मॉडल मौजूदा ईपीएफ व्यवस्था की तरह होगा, लेकिन इसमें अधिक लचीलापन दिया जाएगा. फ्रीलांसर, कंसल्टेंट, डिलीवरी पार्टनर और अन्य स्वरोजगार करने वाले लोग अपनी आय के अनुसार रोजाना, साप्ताहिक, मासिक या सालाना एकमुश्त राशि जमा कर सकेंगे.

नई दिल्ली, 17 जुलाई: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों स्वरोजगार (Self-Employed), गिग वर्कर्स (Gig Workers) और असंगठित क्षेत्र (Unorganised Sector) के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और रिटायरमेंट बचत का लाभ देने की तैयारी कर रहा है. प्रस्तावित यूनिवर्सल प्रोविडेंट फंड (Universal PF) योजना के तहत ऐसे लोग, जो अभी तक औपचारिक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से बाहर हैं, अपनी आय का एक हिस्सा स्वेच्छा से जमा कर रिटायरमेंट फंड तैयार कर सकेंगे. यह पहल देश के तेजी से बढ़ते अनौपचारिक और प्लेटफॉर्म आधारित कार्यबल को वित्तीय सुरक्षा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. EPFO ने शुरू किया पासबुक पोर्टल: खातों में ट्रांसफर होने जा रहा है 8.25% ब्याज; UAN एक्टिवेशन और एडवांस निकासी के नियम भी बदले

लचीला होगा योगदान का तरीका

प्रस्तावित यूनिवर्सल पीएफ योजना का जमा (Accumulation) मॉडल मौजूदा ईपीएफ व्यवस्था की तरह होगा, लेकिन इसमें अधिक लचीलापन दिया जाएगा. फ्रीलांसर, कंसल्टेंट, डिलीवरी पार्टनर और अन्य स्वरोजगार करने वाले लोग अपनी आय के अनुसार रोजाना, साप्ताहिक, मासिक या सालाना एकमुश्त राशि जमा कर सकेंगे.

योजना के तहत जमा राशि पर मौजूदा ईपीएफ खातों की तरह हर साल ब्याज मिलने की संभावना है. इसके अलावा नियमित ईपीएफ की तरह सालाना 2.5 लाख रुपये तक के योगदान पर टैक्स छूट और ब्याज पर टैक्स फ्री लाभ देने पर भी विचार किया जा रहा है.

रिटायरमेंट के बाद निकासी का तरीका भी बदलेगा

ईपीएफओ रिटायरमेंट के बाद निकासी की व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रहा है. फिलहाल ईपीएफ में रिटायरमेंट के समय एकमुश्त राशि निकालने का विकल्प होता है. लेकिन नई योजना में म्यूचुअल फंड की Systematic Withdrawal Plan (SWP) की तर्ज पर व्यवस्था बनाई जा सकती है.

इस मॉडल के तहत सदस्य चाहें तो अपनी पूरी जमा राशि ईपीएफओ में ही रख सकते हैं और अपनी जरूरत के अनुसार हर महीने, तिमाही या अन्य अंतराल पर नियमित भुगतान प्राप्त कर सकते हैं. अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में यह सुविधा मौजूदा ईपीएफ खाताधारकों के लिए भी उपलब्ध कराई जा सकती है.

सरकार नहीं देगी आर्थिक योगदान

प्रस्तावित यूनिवर्सल पीएफ योजना पूरी तरह स्वयं वित्तपोषित (Self-Funded) होगी. यानी इसमें सरकार की ओर से कोई सीधा वित्तीय योगदान नहीं होगा. यह प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) से अलग होगी, जिसमें केंद्र सरकार भी अंशदान करती है.

योजना को लागू करने के लिए ईपीएफओ ने सिंगापुर के Central Provident Fund (CPF) जैसे अंतरराष्ट्रीय रिटायरमेंट मॉडल का भी अध्ययन किया है. इसके अलावा करोड़ों खातों को संभालने के लिए आधुनिक आईटी सिस्टम विकसित करने हेतु ईपीएफओ ने स्वतंत्र रूप से टेंडर भी जारी किया है.

असंगठित क्षेत्र तक पहुंचेगी सामाजिक सुरक्षा

यह प्रस्ताव ईपीएफओ की पारंपरिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है. अब तक EPF का लाभ मुख्य रूप से 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में काम करने वाले वेतनभोगी कर्मचारियों तक सीमित था.

सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security) के तहत सरकार को असंगठित क्षेत्र, गिग वर्कर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा, जीवन बीमा और वृद्धावस्था सुरक्षा योजनाएं बनाने का अधिकार मिला है. इसी दिशा में यह नई योजना तैयार की जा रही है.

ई-श्रम पोर्टल से जुड़ेगा पूरा सिस्टम

प्रस्तावित योजना में ई-श्रम (e-Shram) पोर्टल जैसे डिजिटल डेटाबेस का उपयोग कर असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की पहचान की जाएगी. इसके जरिए स्वरोजगार करने वाले लोगों, फ्रीलांसरों और स्वतंत्र पेशेवरों को एक संगठित रिटायरमेंट और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने की योजना है.

हालांकि, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से अभी इस योजना को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है. फिलहाल ईपीएफओ इसकी रूपरेखा और तकनीकी ढांचे पर काम कर रहा है.

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