EPFO Death Claim Online: कर्मचारी की मृत्यु के बाद नॉमिनी कैसे करें PF, पेंशन और बीमा क्लेम? जानें जरूरी दस्तावेज और ऑनलाइन प्रक्रिया
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के किसी अंशधारक के असामयिक निधन के बाद उसके परिवार और नामित व्यक्तियों को वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन क्लेम की सरल व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है. ईपीएफओ के आधिकारिक मेंबर पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी भविष्य निधि की संचित राशि, कर्मचारी पेंशन योजना के तहत मासिक पेंशन और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) के तहत जीवन बीमा लाभ के लिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं.
नई दिल्ली: नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि (PF) केवल सेवानिवृत्ति की बचत नहीं, बल्कि किसी अप्रत्याशित संकट के समय परिवार के लिए एक मजबूत वित्तीय संबल भी है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के किसी सदस्य की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो जाने की स्थिति में उसके नॉमिनी (Nominee) या कानूनी वारिस को दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है.
ईपीएफओ ने अपने एकीकृत पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर डिजिटल 'डेथ क्लेम' (Death Claim) की सुविधा सक्रिय की है, जिसके माध्यम से पीएफ बैलेंस, मासिक पेंशन और ईडीएलआई जीवन बीमा का पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जा सकता है. यह भी पढ़ें: EPFO Exit Date Error: UAN पोर्टल पर गलत डेट ऑफ एग्जिट क्यों बन सकती है बड़ी परेशानी? जानें इसे सुधारने का आसान तरीका
क्लेम के लिए आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन शुरू करने से पहले दावेदार को निम्नलिखित डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेज तैयार रखने होंगे:
- मृतक सदस्य का UAN: मृतक कर्मचारी का 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN).
- नॉमिनी का विवरण: ई-नॉमिनेशन रिकॉर्ड के अनुसार लाभार्थी का नाम, जन्मतिथि और सरकारी पहचान (आधार) विवरण.
- मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate): स्थानीय नगर निगम, पंचायत या अस्पताल द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र की डिजिटल कॉपी (PDF प्रारूप, अधिकतम साइज 2MB).
- बैंक खाता प्रमाण: लाभार्थी के बैंक खाते का प्रमाण, जैसे निरस्त चेक (Cancelled Cheque) या बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की स्पष्ट प्रति (अधिकतम साइज 2MB).
कौन-सा फॉर्म किस लाभ के लिए भरना होगा?
ईपीएफओ के नियमों के तहत मिलने वाले तीन अलग-अलग लाभों के लिए अलग-अलग फॉर्म निर्धारित किए गए हैं:
- फॉर्म 20 (Form 20): मृतक सदस्य के पीएफ खाते में जमा कुल शेष राशि (कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अंशदान मय ब्याज) को एकमुश्त निकालने के लिए.
- फॉर्म 10D (Form 10D): कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (EPS) के तहत विधवा/विधुर और बच्चों के लिए मासिक पेंशन का दावा करने हेतु.
- फॉर्म 5IF (Form 5IF): कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा (EDLI) योजना के तहत मिलने वाली जीवन बीमा राशि (अधिकतम ₹7 लाख तक) के क्लेम के लिए.
परिवार की पात्रता और वरीयता के नियम
ईपीएफओ के दिशा-निर्देशों के अनुसार क्लेम का अधिकार पारिवारिक संरचना पर निर्भर करता है:
- प्राथमिक परिवार: नियमों के तहत तत्काल परिवार में पति/पत्नी और आश्रित बच्चे शामिल होते हैं.
- अविवाहित सदस्य की स्थिति: यदि मृतक अविवाहित था और उसके कोई बच्चे नहीं हैं, तो लाभ उसके आश्रित माता-पिता को हस्तांतरित होते हैं.
- उत्तराधिकारी: यदि कोई औपचारिक नॉमिनेशन दर्ज नहीं है या पात्र पारिवारिक सदस्य जीवित नहीं हैं, तो सक्षम न्यायालय या प्राधिकारी द्वारा जारी उत्तराधिकार प्रमाणपत्र (Succession/Legal Heir Certificate) के आधार पर कानूनी हकदारों को संपूर्ण राशि का भुगतान किया जाता है.
ऑनलाइन क्लेम करने की चरणबद्ध प्रक्रिया
नॉमिनी या आश्रित नीचे दिए गए चरणों का पालन कर ऑनलाइन दावा प्रस्तुत कर सकते हैं:
- पोर्टल पर जाएं: ईपीएफओ के आधिकारिक मेंबर इंटरफेस पोर्टल के नॉमिनी क्लेम लिंक (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/no-auth/nomineeAppForm) पर जाएं.
- विवरण दर्ज करें: मृतक कर्मचारी का UAN, लाभार्थी का नाम, जन्मतिथि, पहचान विवरण और स्क्रीन पर दिखने वाला कैप्चा कोड दर्ज कर 'Get Authorisation PIN' पर क्लिक करें.
- ओटीपी सत्यापन: पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त वन-टाइम पासवर्ड (OTP) दर्ज कर पहचान सत्यापित करें.
- मृत्यु विवरण और दस्तावेज अपलोड: डेथ क्लेम सेक्शन में सदस्य की मृत्यु की तिथि दर्ज करें और पीडीएफ फॉर्मेट में मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड करें.
- क्लेम फॉर्म का चयन: अपनी आवश्यकतानुसार उपयुक्त विकल्प चुनें—पीएफ निकासी के लिए फॉर्म 20, पेंशन के लिए फॉर्म 10D या बीमा राशि के लिए फॉर्म 5IF.
- बैंक विवरण और अंतिम सबमिशन: लाभार्थी के बैंक खाते का विवरण भरें, कैंसिल्ड चेक की कॉपी अपलोड करें और लाभार्थी के पहचान-लिंक्ड मोबाइल नंबर पर आए अंतिम ओटीपी के माध्यम से आवेदन सबमिट करें.
सभी आवश्यक डिजिटल दस्तावेज और बैंक विवरण सही ढंग से अपलोड किए जाने पर क्लेम का निपटारा आमतौर पर 15 से 30 कार्यदिवसों के भीतर कर दिया जाता है और राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है.