विदेश की खबरें | जेलेंस्की ने रूस को ऑस्ट्रेलिया के लिए भी ‘खतरा’ करार दिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. एडीलेड, एक अप्रैल (द कनवर्सेशन) ऑस्ट्रेलिया की संसद में बृहस्पतिवार को दिए अपने भाषण में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक भावनात्मक अपील की। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान, रूस के हमले को रोकने में ऑस्ट्रेलिया के हित का भी उल्लेख किया। ऑस्ट्रेलिया को यूक्रेन की और अधिक सहायता करने के लिए मनाना इस अपील का उद्देश्य था।

एडीलेड, एक अप्रैल (द कनवर्सेशन) ऑस्ट्रेलिया की संसद में बृहस्पतिवार को दिए अपने भाषण में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक भावनात्मक अपील की। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान, रूस के हमले को रोकने में ऑस्ट्रेलिया के हित का भी उल्लेख किया। ऑस्ट्रेलिया को यूक्रेन की और अधिक सहायता करने के लिए मनाना इस अपील का उद्देश्य था।

जेलेंस्की ने एक तरीका अपनाया जिसे दार्शनिक “पैथोस” कहते हैं। इसका अर्थ है श्रोताओं के दिलों में भावनाओं का ज्वार उठाना जिससे वह वांछित मत प्रकट करने के लिए तैयार हो जाएं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने शहरों पर बमबारी, बच्चों के मारे जाने और ‘म्रिया’ (स्वप्न) नामक विमान के नष्ट होने के बारे में कहा। उन्होंने कहा कि “एक शांतिपूर्ण जिंदगी को वापस लाने का सपना” महत्वपूर्ण है।

अन्य देशों में युद्ध के दौरान वहां से भागकर ऑस्ट्रेलिया आए पहली पीढ़ी के लोगों के मन में ऐसे दृश्य आज भी जीवित होंगे लेकिन कैनबेरा और ऑस्ट्रेलिया के अन्य जगहों पर रहने वाले ज्यादातर लोग इससे परिचित नहीं हैं। जेलेंस्की अपने श्रोताओं को यूक्रेन पर रूस के हमले को यूक्रेन की नजरों से देखने को कह रहे थे और तत्काल कार्रवाई करने की जरूरत को महसूस करा रहे थे।

अन्य देशों की संसद को दिए भाषण में जेलेंस्की ने और आगे जाकर उनके इतिहास को टटोल कर अपील की। जापान की संसद को दिए संबोधन में उन्होंने चेर्नोबिल पर रूस के कब्जे की बात कही क्योंकि जापान परमाणु दुर्घटना का भुक्तभोगी रहा है। इजराइल की संसद से जेलेंस्की ने कहा कि इजराइल की पूर्व प्रधानमंत्री गोल्डा मेयर का जन्म कीव में हुआ था और इस शहर के लोग जीना चाहते हैं।

ऑस्ट्रेलिया के संदर्भ में जेलेंस्की इतिहास में बहुत पीछे नहीं गए और उन्होंने रूस समर्थित विद्रोहियों का उल्लेख किया जिन्होंने 2014 में पूर्वी यूरोप में मलेशिया एयरलाइन्स के एक विमान एमएच 17 को उड़ा दिया था जिसमें 38 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों समेत 300 लोग मौजूद थे। इस घटना का उल्लेख न केवल ऑस्ट्रेलिया के लोगों से की गई भावनात्मक अपील थी बल्कि जेलेंस्की ने उनके हितों को भी लक्षित किया।

इससे उन्होंने यह संदेश फिर से दिया कि अगर रूस जैसी महाशक्ति अपने लक्ष्यों को पाने के लिए कानून, कूटनीति और व्यापार जैसे शांतिपूर्ण तरीकों की बजाय हिंसा का रास्ता अपनाएगी तो कोई भी सुरक्षित नहीं रह सकता।

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि रूस आपके देश और आपके लोगों के लिए भी खतरा है। उन्होंने कहा कि यदि दुनिया ने 2014 में यूक्रेन में रूस की कार्रवाई के लिए उसे सजा दी होती तो 2022 में वह आक्रमण करने की हिमाकत नहीं करता।

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