जरुरी जानकारी | वर्ष 2021 रैन्समवेयर का साल, वित्तीय कंपनियों को साइबर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाने की जरूरत: पंत

नयी दिल्ली, 14 जुलाई राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक राजेश पंत ने बुधवार को 2021 को रैन्समवेयर का वर्ष बताया। इसका कारण दुनिया के विभिन्न देशों में साइबर हमलों में व्यापक स्तर पर बढ़ोतरी है। कंपनियों ने चालू वर्ष की पहली छमाही में इसकी वजह से करीब 1,000 अरब डॉलर का भुगतान किया है।

पंत ने वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों को आगाह करते हुए उन्हें साइबर हमले से बचने के लिये सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा है।

पंत ने आईएएमएआई (द इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के ‘ऑनलाइन’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘जिस तरह से 2021 की शुरुआत हुई है, उसे मैं रैन्समवेयर का साल कहूंगा। अभी इस साल के छह महीने बीते हैं और कंपनियां पहले ही इसके लिए 1,000 अरब डॉलर की कीमत अदा कर चुकी हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘ वित्तीय क्षेत्र को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि साइबर सुरक्षा के लिये जरूरी हर उपाय किये जाएं...।’’

पंत ने उद्योग का अनुमान जताते हुए कहा कि साइबर अपराधों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को 6,000 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘वित्तीय क्षेत्र में आंकड़े काफी महत्वपूर्ण हैं। आपके पास संवेदनशील और व्यक्तिगत आंकड़े हैं। आप सभी व्यक्तिगत आंकड़ा संरक्षण विधेयक से अवगत हैं। जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) इस पर विचार कर रही है और उसके बाद उसे पेश किया जाएगा।’’

पंत के अनुसार विधेयक यूरोपीय डाटा संरक्षण कानून के अनुरूप है।

व्यक्तिगत आंकड़ा संरक्षण विधेयक 2018 का मसौदा व्यक्तिगत आंकड़े को किसी अन्य देश में हस्तांतरित करने पर प्रतिबंध लगाता है। साथ ही व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग को रोकने के लिए भारतीय डाटा संरक्षण प्राधिकरण की स्थापना का सुझाव देता है।

विधेयक का यह मसौदा सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति बी एन श्रीकृष्ण की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों पर आधारित है।

पंत ने कहा कि राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति को जल्दी ही मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट को भेज दिया गया है। जब भी यह सामने आएगा तो आप पाएंगे कि इसमें बदलती परिस्थिति के हिसाब से सभी पहलुओं को शामिल किया गया है...यह भविष्य के हिसाब से एक सार्थक रणनीति है।’’

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