देश की खबरें | यादवपुर विवि ने प्रथम वर्ष के छात्रों को अस्थायी रूप से नये छात्रावास में स्थानांतरित होने को कहा

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कोलकाता, 11 अगस्त यादवपुर विश्वविद्यालय ने पुरानी इमारत की बालकनी से गिरने के कारण बांग्ला ‘ऑनर्स’ के 18-वर्षीय छात्र की मौत के बाद मुख्य छात्रावास में रहने वाले प्रथम वर्ष के छात्रों से कहा है कि वे अस्थायी रूप से नये छात्रावास में स्थानांतरित हो जाएं।

पुलिस ने बताया कि नादिया जिले के बगुला निवासी स्वप्नदीप कुंडू (18) बुधवार रात करीब पौने 12 बजे मुख्य छात्रावास की बालकनी से गिर गया था और बृहस्पतिवार तड़के तकरीबन साढ़े चार बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

प्रथम वर्ष के एक छात्र अर्पन माझी ने आरोप लगाया कि कुंडू की मौत कुछ वरिष्ठ छात्रों द्वारा रैंगिग किए जाने की वजह से हुई है।

पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्रावास में रहने वाले कुछ वरिष्ठ छात्रों ने कुंडू को परेशान किया था।

राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सीवी आनंद बोस ने छात्रावास का दौरा किया और कुंडू के पिता को आश्वस्त किया कि उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "ऐसा लगता है कि वरिष्ठ छात्रों द्वारा समलैंगिक कहने के बाद छात्र मानसिक रूप से परेशान था। उसने बुधवार को अपनी मां को कम से कम चार बार फोन किया और शाम को अपना फेसबुक अकाउंट भी बंद कर दिया।"

विश्वविद्यालय द्वारा बृहस्पतिवार को जारी एक अधिसूचना के मुताबिक, ''सत्र 2023-24 के लिए स्नातक प्रथम वर्ष के सभी छात्रों को मुख्य छात्रावास के ए-1 और ए-2 ब्लॉक में निवास आवंटित किया गया था लेकिन उन्हें आज ही नए छात्रावास में अस्थायी रूप से स्थानांतरित होने का निर्देश दिया जाता है।''

उसमें कहा गया है कि तत्काल प्रभाव से यह आदेश दिया जाता है कि किसी भी पूर्व छात्र या बाहरी व्यक्ति को छात्रावास में रुकने की इजाजत नहीं है। छात्रावास अधीक्षकों से अनुरोध है कि वे ऐसे पूर्व छात्रों या बाहरी लोगों के नाम भेजें जो उक्त निर्देश का पालन नहीं करते हैं।"

छात्र की मौत की घटना ने राज्य में राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने राज्य सरकार पर शिक्षा के क्षेत्र में ‘वास्तविक सुशासन’ लाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने इसका खंडन करते हुए कहा कि भाजपा को मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।

बसु ने सोशल मीडिया पर लिखे पोस्ट में कहा कि एक होनहार छात्र की मौत होना बंगाल और उसके समाज के लिए बहुत बड़ी क्षति है।

उन्होंने कहा, "मैं ऐसे जघन्य अपराध की कड़ी निंदा करता हूं।" उनका इशारा इन आरोपों की ओर था कि छात्रावास में वरिष्ठ छात्रों द्वारा रैगिंग किए जाने के बाद उनकी मौत हुई है।

वहीं भाजपा नेता मजूमदार ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "ममता सरकार रैगिंग जैसे जघन्य अपराध को खत्म करने में नाकाम रही है... पश्चिम बंगाल सरकार को शर्म आनी चाहिए... स्वप्नदीप कुंडू के परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।"

एक दूसरे पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया, "प्रशासन की मदद के बिना टीएमसीसी, एसएफआई, डीएसएफ जैसे संगठन विश्वविद्यालय परिसर में रैगिंग जैसे अपराध नहीं कर सकते हैं। मैं उनके परिवार को हर तरह की कानूनी मदद का वादा करता हूं।"

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बसु ने कहा कि भाजपा हर दुर्भाग्यपूर्ण घटना में राज्य सरकार का कसूर ढूंढने लग जाती है।

बसु ने कहा कि राज्यपाल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं।

मंत्री ने कहा, ‘‘यादवपुर विश्वविद्यालय सीधे राज्यपाल के नियंत्रण में है। लिहाजा यह उनकी नाकामी है। इस निंदनीय घटना को नियंत्रित करने में उनके राजनीतिक आकाओं की विफलता है।"

विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के पूर्व प्रमुख और उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. ओम प्रकाश मिश्रा ने ‘पीटीआई-’ से कहा, “स्वप्नदीप की मौत के मामले में पूर्णकालिक कुलपति के बिना संचालित विश्वविद्यालय की खेदजनक स्थिति ने भी योगदान दिया है। शीर्ष पद पर कोई काबिज नहीं है, जिसकी वजह से ऐसे हालात पैदा हुए हैं।”

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