देश की खबरें | विश्व हेपेटाइटिस दिवस: 31 से 55 आयुवर्ग वालों को बीमारी का सर्वाधिक खतरा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुरुग्राम स्थित एक प्रयोगशाला के एक आंतरिक अध्ययन में उजागर हुआ है कि 31 से 55 आयुवर्ग के लोगों को हेपेटाइटिस सर्वाधिक होता है। विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर यह अध्ययन मंगलवार को जारी किया गया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 28 जुलाई गुरुग्राम स्थित एक प्रयोगशाला के एक आंतरिक अध्ययन में उजागर हुआ है कि 31 से 55 आयुवर्ग के लोगों को हेपेटाइटिस सर्वाधिक होता है। विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर यह अध्ययन मंगलवार को जारी किया गया।

एनएबीएल से प्रमाणित नैदानिक प्रयोगशाला, सीओआरई डायग्नोस्टिक्स ने करीब 12 महीनों के दौरान 7500 मरीजों के आंकड़ों का इस्तेमाल करते हुए हाल में यह अध्ययन किया।

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हेपेटाइटिस यकृत में सूजन होती है जिसकी वजह से फाइब्रोसिस (घाव के निशान या दाग), सिरोसिस या यकृत का कैंसर हो सकता है।

प्रयोगशाला द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक यह अध्ययन विश्व हेपेटाइटिस दिवस के मौके पर लोगों में इस बीमारी के बारे में जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया।

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इसमें कहा गया कि हेपेटाइटिस से ग्रस्त पाए गए करीब 40 प्रतिशत रोगी 19 से 30 आयुवर्ग के थे।

इसमें कहा गया कि 31 से 55 आयुवर्ग के रोगियों में इसका सबसे ज्यादा खतरा देखा गया और इनका प्रतिशत 45 था।

प्रयोगशाला ने कहा कि इस अध्ययन के तहत बीते एक साल में की गई 7500 से ज्यादा जांचों का विश्लेषण किया गया। जांच किये गए सभी मामलों में से करीब 60 प्रतिशत में यह रोग पाया गया जो इसकी उच्च दर को दर्शाता है।

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