जरुरी जानकारी | ‘जीवनयापन के खर्च’ के संकट की सबसे ज्यादा मार महिलाओं पर पड़ेगी : डब्ल्यूईएफ रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. जिनेवा का यह शोध संस्थान दावोस में होने वाले अपने वार्षिक आयोजन के लिए चर्चित है। इसमें दुनियाभर नेता, उद्योगपति जुटते हैं।

जिनेवा का यह शोध संस्थान दावोस में होने वाले अपने वार्षिक आयोजन के लिए चर्चित है। इसमें दुनियाभर नेता, उद्योगपति जुटते हैं।

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि उम्मीद थी कि कोविड-19 संकट समाप्त होने के साथ स्त्री-पुरुष असमानता बढ़ने की वजह से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई हो जाएगी, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है।

डब्ल्यूईएम का अनुमान है कि अब दुनिया को स्त्री-पुरुष समानता को हासिल करने में अब 132 साल लगेंगे। पहले इसमें 136 वर्ष लगने का अनुमान था। डब्ल्यूईएफ का मानना है कि लैंगिंग समानता के लिए चार मुख्य चीजों..वेतन और आर्थिक अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य और राजनीतिक सशक्तीकरण पर ध्यान देना जरूरी है।

इस रिपोर्ट में आइसलैंड को सबसे ज्यादा अंक मिले हैं। उसके बाद कुछ नॉर्डिक देशों और न्यूजीलैंड का नंबर आता है। वहीं यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी 146 देशों की सूची में 10वें स्थान पर है।

इसके अलावा सूची में अमेरिका 27वें, चीन 102वें स्थान और जापान 116वें स्थान पर है।

डब्ल्यूईएफ की प्रबंध निदेशक सादिया जाहिदी का कहना है कि महामारी के दौरान श्रम बाजार के नुकसान की वजह से जीवनयापन की लागत का सबसे अधिक संकट महिलाओं पर पड़ा है। ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\