मुंबई, 28 नवंबर शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को जानना चाहा कि विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन भारी बहुमत मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री तय करने और सरकार बनाने में क्यों असमर्थ है।
महाराष्ट्र में 288-सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में महायुति गठबंधन ने 230 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी। महायुति गठबंधन में भाजपा, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं। भाजपा को 132 सीट, शिवसेना को 57 तथा राकांपा को 41 सीट मिलीं।
राउत ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की आलोचना करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह बाल ठाकरे के नाम पर राजनीति करते हैं, लेकिन उनकी पार्टी का भविष्य दिल्ली में तय होता है।
उन्होंने कहा कि बाल ठाकरे की शिवसेना का भविष्य कभी दिल्ली में नहीं बल्कि मुंबई में तय हुआ।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘उनके (महायुति के) पास बहुमत है। इसमें भाजपा के पास करीब 140 विधायक हैं जो उन्हें बहुमत के बहुत करीब ले जाता है। फिर भी महायुति अब तक महाराष्ट्र को मुख्यमंत्री नहीं दे पाया है। इसके क्या कारण हैं?’’
राउत ने महायुति पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘अगर आपको बहुमत मिल जाता है, तो अगले 24 घंटे में आपको अपना मुख्यमंत्री मिल जाना चाहिए। लेकिन, महाराष्ट्र के लोग जानना चाहते हैं कि भाजपा को अगला मुख्यमंत्री तय करने में क्या दिक्कत है।’’
राकांपा नेता छगन भुजबल ने कहा कि जब दो-तीन पार्टियों का गठबंधन होता है तो चर्चा करने और फिर निष्कर्ष पर पहुंचने में समय लगता है।
भुजबल ने कहा, ‘‘कुछ मामलों में तो एक महीने का समय लग गया है। नयी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह अगले दो-तीन दिनों में हो जाना चाहिए।’’
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