जरुरी जानकारी | अधिकांश तेल-तिलहन के थोक भाव मजबूत
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नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर विदेशों में तेजी के रुख के बीच घरेलू बाजार में बृहस्पतिवार को मूंगफली तेल-तिलहन को छोड़कर बाकी सभी तेल-तिलहनों के थोक भाव में मजबूती आई। मूंगफली तेल-तिलहन के भाव अपरिवर्तित बने रहे।
मलेशिया एक्सचेंज में दो प्रतिशत से अधिक का सुधार रहा जबकि शिकागो एक्सचेंज में भी सुधार चल रहा है। इस तेजी के कारण सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के थोक दाम मजबूती दर्शाते बंद हुए।
बाजार सूत्रों ने कहा कि देश में मौजूदा समय में सोयाबीन की फसल की उपलब्धता लगभग 120 लाख टन की है और पहले का बचा हुआ स्टॉक लगभग 22-25 लाख टन का है। यह उपलब्धता इसलिए बनी हुई है कि आयातित सस्ते सोयाबीन के आगे इनकी मंडियों में खपत नहीं है।
पूरे देश में सोयाबीन तेल की आपूर्ति के लिए विख्यात इंदौर शहर के तेल रिफाइनिंग करने वाली कंपनियों ने देश में सोयाबीन की बहुतायत होने के बावजूद रिफाइनिंग के लिए कांडला बंदरगाह से आयातित सोयाबीन तेल की खरीद की है। जबकि सोयाबीन किसान सस्ते आयातित तेलों के आगे मजबूर होकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम कीमत पर अपनी सोयाबीन फसल बेच रहे हैं। यह स्थिति अपने आप किसानों और तेल उद्योग की मजबूरियों को उजागर करता है।
सूत्रों ने कहा कि संभवत: संबद्ध अधिकारियों ने यह सोचकर सस्ते आयात की छूट दी कि त्योहारों के दौरान देश में खाद्यतेल की कमी ना हो लेकिन यह मकसद तो अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) ऊंचा तय होने के कारण विफल होता प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर चाहती है कि उपभोक्ताओं को खाद्यतेल सस्ता मिले तो उसे पहले एमआरपी व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिये जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को सस्ते आयात का लाभ नहीं मिल रहा। या फिर खाद्यतेल की महंगाई पर लगाम लगाने के लिए सरकार को इसी सस्ते आयातित खाद्यतेल को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से वितरण कराने के बारे में सोचना चाहिये।
सूत्रों ने कहा कि मौजूदा सस्ते आयात की व्यवस्था आगे काफी दुख दे सकता है और किसान तिलहन बुवाई से कतरा सकते हैं।
बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,500-5,550 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,975-7,025 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,250 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,395-2,680 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,730 -1,825 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,730 -1,840 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 7,925 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 7,700 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,325 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 8,900 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,025 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,400-4,450 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,100-4,250 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।
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