विदेश की खबरें | डब्ल्यूएचओ ने ओमीक्रोन का मुकाबला करने में मदद के लिए विशेषज्ञ दल दक्षिण अफ्रीका भेजा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने निगरानी एवं संपर्कों की पहचान की कोशिशें तेज करने के लिए दक्षिण अफ्रीका में ओमीक्रोन का केंद्र समझे जाने वाले गौतेंग प्रांत में विशेषज्ञों का एक दल भेजा है। दक्षिण अफ्रीका संक्रमण के बढ़ते मामलों से जूझ रहा है।
जोहानिसबर्ग, तीन दिसंबर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने निगरानी एवं संपर्कों की पहचान की कोशिशें तेज करने के लिए दक्षिण अफ्रीका में ओमीक्रोन का केंद्र समझे जाने वाले गौतेंग प्रांत में विशेषज्ञों का एक दल भेजा है। दक्षिण अफ्रीका संक्रमण के बढ़ते मामलों से जूझ रहा है।
कोरोना वायरस का नया स्वरूप ओमीक्रोन सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में सामने आया। अब भारत समेत दुनिया के कम से कम 24 देशों में यह फैल चुका है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अफ्रीका के क्षेत्रीय आपात निदेशक डॉ. सलेमगुये ने बृहस्पतिवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, ‘‘हम निगरानी एवं संपर्कों का पता लगाने में मदद करने के लिए गौतेंग प्रांत में एक दल तैनात कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि एक दल पहले से ही दक्षिण अफ्रीका में जीनोम क्रमसंरचना पर काम कर रहा है।
पिछले एक सप्ताह में करीब 80 फीसद संक्रमण गौतेंग प्रांत से सामने आये हैं और यह प्रांत दक्षिण अफ्रीका का आर्थिक केंद्र है। बृहस्पतिवर को 11,500 नये मामले सामने आये थे और बुधवार को 8500 मामलों की पुष्टि हुई थी।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, देश में मध्य नवंबर में रोजाना औसतन 200-300 मामले सामने आ रहे थे।
नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिकेबल डिजीज (एनआईसीडी) ने संवाददाताओं को बताया कि करीब 75 फीसद नमूनों में नये स्वरूप की पुष्टि हुई है।
एनआईसीडी में क्लीनिकल माइक्रोबायोलोजिस्ट एन्नी वोन गोट्टबर्ग ने कहा, ‘‘ नवंबर में हमने 249 की (जीनोम) क्रम संरचना करायी और 183 में ओमीक्रोन का मामला पाया गया।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)