कालियागंज (पश्चिम बंगाल), 25 अप्रैल पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में धारा 144 के तहत लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर लोगों के एक समूह ने पिछले सप्ताह एक नाबालिग लड़की का शव मिलने के मामले में प्रदर्शन करते हुए मंगलवार को कालियागंज थाने में आग लगा दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भीड़ ने थाने की इमारत के पास खड़े दोपहिया वाहनों समेत कई वाहनों में भी आग लगा दी, जो जलकर राख हो गए। हमले में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।
एक अधिकारी ने बताया कि कथित तौर पर आदिवासी और राजबंग्शी समुदायों से संबंधित लोगों ने मामले में ‘‘पुलिस की कथित निष्क्रियता’’ के विरोध में मंगलवार दोपहर को थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि लड़की से दुष्कर्म किया गया और उसकी हत्या की गई।
अधिकारियों के मुताबिक, लड़की के शव के पोस्टमॉर्टम की आरंभिक रिपोर्ट से दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस घटना के लिए विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया, वहीं भाजपा ने कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ठप होने का आरोप लगाया।
रायगंज के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद सना अख्तर को निलंबित करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने अवरोधकों को तोड़ने के साथ वहां तैनात पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। अधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया, लेकिन भीड़ को थाने में घुसने और आग लगाने से नहीं रोक सके।
भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। हमने रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के कर्मियों सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY