देश की खबरें | पश्चिम बंगाल सरकार औद्योगिक प्रदूषण से निपटने के लिए ड्रोन तैनात करेगी

कोलकाता, पांच जून पश्चिम बंगाल का पर्यावरण विभाग औद्योगिक प्रदूषण को मापने और उससे निपटने के लिए रात में ड्रोन तैनात करेगा।

पर्यावरण मंत्री मानस भुनिया ने सोमवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के इतर कहा कि ड्रोन में किसी क्षेत्र की रियल टाइम वायु गुणवत्ता को मापने के लिए सेंसर लगाए जाएंगे।

उन्होंने कहा, “ ड्रोन शुरुआत में पीएम 10 और पीएम 2.5 के स्तर और तापमान को मापेंगे। सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और आर्द्रता को मापने के लिए जरूरत पड़ने पर इन्हें सेंसर में शामिल किया जा सकता है।”

ड्रोन द्वारा एकत्र किए गए वास्तविक आंकड़ों को पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डब्ल्यूबीपीसीबी) के ‘एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र’ (आईसीसीसी) को भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा कि कोलकाता, हावड़ा, बैरकपुर, हल्दिया, आसनसोल और दुर्गापुर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए यह कदम उठाने की जरूरत है।

मंत्री ने कहा, “ हमारे पास जानकारी है कि इन छह शहरों में कई औद्योगिक इकाइयां डब्ल्यूबीपीसीबी की निगरानी से बचने के लिए शाम होने के बाद अपने प्रदूषण ट्रैकिंग उपकरणों को बंद कर देती हैं।”

भुनिया ने कहा कि ड्रोन सर्वेक्षण के आधार पर प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों की पहचान कर उनके मालिकों को बैठक के लिए बुलाया जाएगा।

उन्होंने कहा, “ हम उन्हें समस्या समझाने की कोशिश करेंगे और संभावित उपाय सुझाएंगे। यदि वे तरीकों में बदलाव करने में विफल रहते हैं, तो हम कठोर कार्रवाई करेंगे।”

मंत्री ने 20 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गैर-वातानुकूलित बसों की छत पर और वातानुकूलित बसों के अंदर ‘शुद्ध वायु’ उपकरण लगें हैं।

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