विदेश की खबरें | हम भारत और पाकिस्तान को बातचीत करने, तनाव घटाने के लिए समर्थन देने को तैयार : ब्रिटेन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ब्रिटेन ने बुधवार को कहा कि वह संवाद और तनाव कम करने की दिशा में भारत और पाकिस्तान दोनों का समर्थन करने के लिए तैयार है।
लंदन, सात मई ब्रिटेन ने बुधवार को कहा कि वह संवाद और तनाव कम करने की दिशा में भारत और पाकिस्तान दोनों का समर्थन करने के लिए तैयार है।
भारत के सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल हमले किए हैं, जिसके बाद ब्रिटेन की ओर से यह बयान आया है।
व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया और बीबीसी से कहा कि विदेश मंत्री डेविड लेमी ने दोनों देशों से संपर्क किया है।
रेनाल्ड्स ने कहा, “हम दोनों देशों के मित्र हैं, साझेदार हैं। हम दोनों देशों का समर्थन करने के लिए तैयार हैं। दोनों देशों की क्षेत्रीय स्थिरता, वार्ता और तनाव कम करने में गहरी रुचि है और हम इसके समर्थन में जो कुछ भी कर सकते हैं, करेंगे।”
ऑपरेशन सिंदूर के बाद स्कॉटलैंड के प्रथम मंत्री जॉन स्विनी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मैं आज रात कश्मीर में हुई घटनाओं से बहुत चिंतित हूं और संघर्ष से बचने के लिए शांति व बातचीत का आग्रह करता हूं।"
स्कॉटलैंड के प्रथम मंत्री का पद प्रधानमंत्री के समकक्ष होता है।
लेबर पार्टी की सरकार के सांसदों में से स्टेला क्रेसी ने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने का आह्वान किया और कहा, “भारत सरकार द्वारा आज रात जम्मू कश्मीर में सैन्य हवाई हमले किए जाने से मैं बहुत चिंतित हूं। दुनिया इस संघर्ष को बढ़ता देख चुप नहीं रह सकती और साथ ही इस क्षेत्र में निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ रहा है। सभी संबंधित पक्षों को संयम बरतना चाहिए।”
कंजर्वेटिव पार्टी के लॉर्ड तारिक अहमद ने ‘‘युद्ध के लिए पूरी संभावना’ की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर पर मिसाइल हमले "दो परमाणु हथियार संपन्न पड़ोसियों के बीच तनाव को बढ़ाने वाला कदम है - आज रात युद्ध की संभावना वास्तविक है।"
उन्होंने एक्स पर लिखा, "हमें इस संघर्ष को बढ़ने से रोकने के लिए तत्काल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत की आवश्यकता है, जिसके न केवल क्षेत्र बल्कि व्यापक विश्व के लिए गंभीर परिणाम होंगे।"
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)