जेल में विशाल यादव को कोविड-19 के संक्रमण का खतरा नहीं: पुलिस ने अदालत को बताया

विशाल यादव ने कोरोना वायरस संक्रमण या तपेदिक से ग्रस्त हो जाने की आशंका व्यक्त करते हुये अदालत से पैरोल पर रिहाई का अनुरोध किया है। उसका कहना है कि पहले भी वह जेल में अधिक भीड़ की वजह से तपेदिक का शिकार हो चुका है।

जमात

नयी दिल्ली, 23 अप्रैल दिल्ली पुलिस ने नीतीश कटारा हत्याकांड में उम्र कैद की सजा काट रहे विशाल यादव की पैरोल के लिये दायर याचिका का विरोध करते हुये कहा है कि तिहाड़ जेल में उसे कोरोना वायरस के संक्रमण का कोई खतरा नहीं है।

विशाल यादव ने कोरोना वायरस संक्रमण या तपेदिक से ग्रस्त हो जाने की आशंका व्यक्त करते हुये अदालत से पैरोल पर रिहाई का अनुरोध किया है। उसका कहना है कि पहले भी वह जेल में अधिक भीड़ की वजह से तपेदिक का शिकार हो चुका है।

न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव के समक्ष दिल्ली पुलिस ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में कहा है कि जेल के रिकार्ड से पता चलता है कि दोषी की सेहत ठीक है और वह तपेदिक रोग से ग्रस्त नहीं है।

पुलिस की स्थिति रिपोर्ट में कहा गया है कि याचिका के साथ दाखिल मेडिकल रिपोर्ट 2004, 2008, 2009 और 2010 की हैं और इस समय उसके टीबी से ग्र्रस्त होने का संकेत देने वाली कोई सामग्री इसमें नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार जेल नियमों के तहत कोरोना वायरस के दौरान आठ सप्ताह की आपात पैरोल सजा में छूट समान होगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले में उच्च न्यायालय ने फरवरी, 2015 में विशाल को जेल भेजते हुये निर्देश दिया था कि उसकी 25 साल की सजा की वास्तविक अवधि पूरी होने तक इसमें किसी प्रकार की छूट पर विचार नहीं किया जायेगा। अत: वह आपात पैरोल का हकदार नहीं है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस हत्याकांड में मारे गये नितीश कटारा की मां नीलम कटारा और गवाह अजय कटारा की जान को खतरा है और इसलिए भी विशाल को पैरोल पर रिहा नहीं किया जा सकता।

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