विदेश की खबरें | वायरस एशियाई खाद्य सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है: एफएओ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में लोगों की भोजन तक पहुंच की स्थिति खराब हो गई और इस साल और भी खराब हो गई क्योंकि सरकारों ने यात्रा और अन्य गतिविधियों को प्रतिबंधित करके महामारी को दूर रखने के लिए प्रयास किये।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में लोगों की भोजन तक पहुंच की स्थिति खराब हो गई और इस साल और भी खराब हो गई क्योंकि सरकारों ने यात्रा और अन्य गतिविधियों को प्रतिबंधित करके महामारी को दूर रखने के लिए प्रयास किये।
भुखमरी रोकने की दिशा में प्रगति के साथ एफएओ खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए व्यापक उपायों का आग्रह कर रहा है।
एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए एफएओ के क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ अर्थशास्त्री डेविड डवे ने कहा कि पिछले एक साल में संगठन का खाद्य मूल्य सूचकांक लगभग एक तिहाई बढ़ा है। स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण वनस्पति तेलों की कीमत 74 प्रतिशत बढ़ी।
उन्होंने कहा कि वैश्विक वस्तुओं की कीमतें उपभोक्ताओं के लिए लागत को प्रभावित करती हैं, जो ‘‘गरीबों के लिए एक और झटका है, जो अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा भोजन पर खर्च करते हैं और कोविड-19 के प्रभावों से उबरने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ईंधन और उर्वरक की बढ़ती कीमतों सहित महामारी के शुरुआती प्रभाव के बाद खाद्य उत्पादकों को हाल की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है।’’
एफएओ की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण एशिया में लगभग 16 प्रतिशत लोग कुपोषित हैं और पूरे क्षेत्र में कुपोषण एक दशक में अपने सबसे उच्च स्तर 8.7 प्रतिशत पर है। पर्याप्त भोजन तक पहुंच उत्तर कोरिया में सबसे खराब है, यहां के 40 प्रतिशत से अधिक लोग कुपोषित हैं। लेकिन अफगानिस्तान, पापुआ न्यू गिनी और पूर्वी तिमोर में भी भूख एक जरूरी समस्या है।
वर्ष 2000 की तुलना में पूरे क्षेत्र में स्थितियां अभी भी बेहतर हैं, लेकिन हाल के वर्षों में प्रगति धीमी हो गई है और कुछ मामलों में विपरीत हो गई है। इस क्षेत्र के 10 देशों में, पांच साल से कम उम्र के 20 से 30 प्रतिशत से अधिक बच्चों का कद नहीं बढ़ रहा है।
इस तरह के अभाव के लंबे समय तक चलने से गंभीर परिणाम होते हैं, क्योंकि बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित होता हैं और वे अपनी पूरी क्षमता हासिल करने में असफल होते हैं।
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