देश की खबरें | चिंतपूर्णी मंदिर में शुल्क के बाद ‘वीआईपी दर्शन’, विधायकों-सांसदों, बुजुर्गों के लिए नि:शुल्क सुविधा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हिमाचल प्रदेश के ऊना स्थित चिंतपूर्णी मंदिर में पांच लोगों का समूह 1,100 रुपये का भुगतान कर ‘वीआईपी दर्शन’ कर सकता है। राज्य का यह पहला मंदिर है जिसमें इस तरह की सुविधा की व्यवस्था की गई है।
ऊना, नौ अगस्त हिमाचल प्रदेश के ऊना स्थित चिंतपूर्णी मंदिर में पांच लोगों का समूह 1,100 रुपये का भुगतान कर ‘वीआईपी दर्शन’ कर सकता है। राज्य का यह पहला मंदिर है जिसमें इस तरह की सुविधा की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इस सुविधा का लाभ लेने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन की अपनी बारी के लिए कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि मंत्रियों, विधायकों, सांसदों, प्रशासन द्वारा तय वीआईपी, 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक ‘सुगम दर्शन प्रणाली’ के तहत पांच लोगों के समूह को 1,100 रुपये में एक पास जारी किया जाएगा और श्रद्धालुओं को निर्बाध दर्शन करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि एक दिन में कुल 500 लोगों को ये पास जारी किए जाएंगे।
संबंधित सुविधा के संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘‘चिंतापूर्णी मंदिर राज्य का पहला मंदिर है जिसमें इस तरह की व्यवस्था लागू की गई है ताकि दर्शन के लिए वीआईपी के आने पर अफरातफरी की स्थिति न हो और साथ ही मंदिर प्रशासन की आय में भी वृद्धि हो।’’
मंदिर आयुक्त सह एसडीएम विवेक महाजन ने कहा कि इसकी चार श्रेणियां होंगी। उन्होंने बताया कि पहली श्रेणी में 1,100 रुपये का शुल्क लगेगा और बिना इंतजार दर्शन की सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि मंदिर ट्रस्ट तय करेगा कि इस श्रेणी में बच्चों को शामिल किया जाए या नहीं।
महाजन ने बताया कि दूसरी और तीसरी श्रेणी में 65 साल से अधिक उम्र के श्रद्धालुओं तथा दिव्यांगों को वीआईपी दर्शन बिना शुल्क कराए जाएंगे और उनके साथ आए श्रद्धालु को इसके लिए केवल 50 रुपये का शुल्क देना होगा।
उन्होंने बताया कि चौथी श्रेणी मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और प्रशासन द्वारा तय वीआईपी की होगी जिनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और इस श्रेणी के श्रद्धालुओं के लिए बाबा मैदास सदन में प्रतीक्षा कक्ष बनाया गया है।
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