देश की खबरें | मूर्ति विसर्जन के दौरान हिंसा, एक की मौत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के एक दिन पहले मुंगेर जिले में देवी दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के दौरान गोलीबारी और पथराव होने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और सुरक्षाकर्मियों सहित दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंगेर, 27 अक्टूबर बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के एक दिन पहले मुंगेर जिले में देवी दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के दौरान गोलीबारी और पथराव होने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और सुरक्षाकर्मियों सहित दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।

पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि यह घटना मुंगेर शहर के कोतवाली थाना अंतर्गत दीन दयाल उपाध्याय चौक पर सोमवार देर रात हुई ।

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स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस गोलीबारी में 20 साल के एक युवक की मौत हो गयी । हालांकि प्रशासन ने कहा कि वह भीड़ के बीच से किसी के द्वारा चलाई गई गोली से मारा गया था।

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान की पूर्व संध्या पर, इस घटना ने लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान के साथ विपक्षी महागठबंधन ने इसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक लीपी सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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विपक्षी महागठबंधन के घोषित मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी इस घटना के लिए राज्य सरकार की आलोचना की।

राजद ने ट्वीट किया, "तेजस्वी यादव ने मुंगेर में मूर्ति विसर्जन के लिए जाने वाले बच्चों पर बिना कारण गोली चलाने के लिए नीतीश कुमार सरकार की आलोचना की। उन्होंने एक ट्वीट में मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।"

चिराग पासवान ने ट्वीट किया, "मुंगेर पुलिस के खिलाफ 302 (हत्या) का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। भक्तों पर गोलीबारी से पता चलता है कि नीतीश का तालिबानी शासन है। स्थानीय पुलिस अधीक्षक को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए और धारा 302 (हत्या) के तहत उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।"

उन्होंने मृतक के परिजनों के लिए 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी की मांग की।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि चुनाव आयोग को घटना का संज्ञान लेना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।

मुंगेर के जिलाधिकारी राजेश मीणा ने कहा कि पुलिस पर गोलीबारी की गई।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने इलाके का दौरा किया और कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।

पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने कहा, "कुछ असामाजिक तत्वों ने दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान पथराव किया, जिसमें 20 जवान घायल हो गए। भीड़ की तरफ से भी गोलीबारी की गई जिसमें दुर्भाग्य से एक व्यक्ति की मौत हो गई।"

उन्होंने कहा, "हम शहर भर में फ्लैग मार्च कर रहे हैं। स्थिति नियंत्रण में है। हम असामाजिक तत्वों पर नजर रख रहे हैं। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें" ।

घटना के एक कथित वीडियो में सुरक्षाकर्मियों को विसर्जन जुलूस में लोगों के एक समूह पर लाठी चार्ज करते दिखाया गया है। साथ ही सोशल मीडिया पर एक विचलित करने वाली तस्वीर वायरल हुई है, जिसमें इस घटना में कथित तौर पर मारे गए व्यक्ति को उसकी खोपडी के खुले हिस्से के साथ जमीन पर बेसुध पड़े हुई दर्शाया गया है।

पुलिस कर्मियों ने बताया कि घायलों संग्रामपुर पुलिस थाना अध्यक्ष सर्वजीत कुमार, कोतवाली थाना अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, कासिम बाजार थाना अध्यक्ष शैलेश कुमार और बासुदेवपुर चौकी प्रभारी सुशील कुमार भी शामिल हैं।

पुलिस ने कहा कि घटनास्थल से तीन आग्नेयास्त्र और कारतूस बरामद किए गए हैं और कुछ उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विसर्जन के लिए मूर्ति को ले जाने दौरान एक बांस से बने वाहक के टूट जाने के बाद परेशानी शुरू हो गई थी और इसे ठीक करने में समय लग रहा था।

उन्होंने कहा कि मूर्ति को ले जाने वाले वाहक की मरम्मती में हुई देरी के कारण अन्य निकाले गए मूर्ति जुलूस रास्ते में फंसे हुए थे ।

उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहता था कि जुलूस जल्दी से जल्दी निकले क्योंकि सुरक्षाकर्मियों को बुधवार को चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया जाना था।

स0 अनवर

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