वंदे भारत मिशन : विदेशों में फंसे तमिलनाडु के लोग घर लौटे
यात्रियों में तिरुनेलवली की एक महिला भी थी जिसके पति की दुबई में मौत हो गई थी। विमान में उसके पति का शव भी लाया गया।
चेन्नई, नौ मई विभिन्न देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी के लिए केंद्र सरकार के वंदे भारत मिशन के तहत एअर इंडिया की दो उड़ानों में दुबई से करीब 359 लोगों को शनिवार सुबह यहां लाया गया।
यात्रियों में तिरुनेलवली की एक महिला भी थी जिसके पति की दुबई में मौत हो गई थी। विमान में उसके पति का शव भी लाया गया।
भारतीय महावाणिज्य दूतावास की ओर से जारी मृत्यु प्रमाण-पत्र के मुताबिक 36 वर्षीय शख्स की मौत “दिल का दौरा पड़ने और मस्तिष्क के निष्क्रिय हो जाने” की वजह से हुई।
यहां हवाईअड्डे पर पहुंचने के बाद, महिला एक एंबुलेंस में अपने पति का शव लेकर दक्षिणी जिले के सेनगोट्टई रवाना हो गई।
ग्रेटर चेन्नई निगम और हवाईअड्डे के अधिकारियों ने बताया कि पहले विमान में 28 महिलाओं एवं तीन बच्चों समेत 182 लोग पहुंचे वहीं दूसरे विमान में 177 लोग (138 पुरुष और 39 महिला) थे तथा ये दोनों उड़ानें आज तड़के यहां पहुंची।
फंसे हुए लोग तमिलनाडु के रहने वाले हैं और वे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में काम कर रहे थे।
शुक्रवार की रात मलेशिया के कुआलालंपपुर से एक विमान करीब 200 यात्रियों को लेकर तिरुचिरापल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचा।
उनके आगमन पर, हवाईअड्डे पर विशेष रूप से स्थापित कोविड-19 कियोस्क में कोरोना वायरस की जांच के लिए उनके नाक एवं गले से स्वाब नमूने लिए गए।
अधिकारियों ने सुरक्षात्मक सूट पहने हुए स्वास्थ्य कर्मियों की कई टीमें लौटने वालों की जांच एवं नमूने लेने के लिए तैनात की थीं।
एक समूह को उपनगरीय मेलाकोट्टयूर में शैक्षणिक संस्थान के परिसर में ठहराया गया है जबकि दो अन्य समूहों को पेरियामेट और एक्कादुथंगल के दो होटलों में ठहराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि करीब 14 दिन रहने के बाद उन्हें उनके संबंधित स्थानों पर भेजा जाएगा।
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