देश की खबरें | उत्तराखंड : लापता पर्वतारोहियों की कोई खैर-खबर नहीं मिलने से परिजन परेशान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तरकाशी में मंगलवार को हिमस्खलन के बाद लापता हुए प्रशिक्षु पर्वतारोहियों की कोई खबर नहीं मिल पाने के कारण उनके माता-पिता एवं परिजन बहुत परेशान एवं अधीर हैं।

उत्तरकाशी, सात अक्टूबर उत्तरकाशी में मंगलवार को हिमस्खलन के बाद लापता हुए प्रशिक्षु पर्वतारोहियों की कोई खबर नहीं मिल पाने के कारण उनके माता-पिता एवं परिजन बहुत परेशान एवं अधीर हैं।

शिमला निवासी संतोष कैंथला का पुत्र शिवम (27) उन्नत पर्वतारोहण प्रशिक्षण पाठ्यक्रम दल का सदस्य था। कैंथला ने मंगलवार शाम को जब टीवी पर यह समाचार देखा कि नेहरू पर्वतारोण संस्थान (एनआईएम) के पर्वतारोही चढ़ाई के बाद लौटते समय 17 हजार फीट की ऊंचाई पर द्रौपदी का डांडा-द्वितीय चोटी पर हिमस्खलन की चपेट में आ गए हैं तो वह अपने मित्रों के साथ तुरंत उत्तरकाशी रवाना हो गए।

कैंथला बुधवार सुबह उत्तरकाशी पहुंचे और सीधे एनआईएम गए, जहां कर्मचारियों ने उन्हें संयम बरतने को कहा और बताया कि तलाश एवं बचाव अभियान अब भी जारी है।

कैंथला ने कहा, ‘‘जब मैंने उनसे बार-बार सवाल किए तो उन्होंने मुझे मतली हैलीपेड जाकर अपने बेटे के बारे में पता करने को कहा, लेकिन हमें कहीं से कोई जानकारी नहीं मिल रही।’’

कैंथला ऐसे अकेले व्यक्ति नहीं हैं, जो अपने लापता बच्चे की जानकारी न मिल पाने के कारण अधीर हो रहे हैं। अन्य लापता पर्वतारोहियों के माता-पिता एवं परिजनों का भी यही हाल है।

उत्तरकाशी में तीन और लोगों के शव बरामद होने के बाद हिमस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। एनआईएम के मुताबिक, इनमें से 17 शव प्रशिक्षुओं के, जबकि दो शव प्रशिक्षकों के हैं। वहीं, 10 प्रशिक्षु अब भी लापता हैं।

थल सेना, वायुसेना, एनआईएम, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), हाई ऑल्टिट्यूड वारफेयर स्कूल (जम्मू-कश्मीर), राज्य आपदा मोचन बल और जिला प्रशासन तलाश अभियान में जुटे हैं।

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