विदेश की खबरें | उत्तर कोरिया में जीवन का अध्ययन करने के लिए कचरे का उपयोग
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. कांग (48) ने एपी से कहा कि उन्हें अपने शोध को पूरा करने के लिए इस पद्धति की ओर रुख करना पड़ा क्योंकि कोविड-19 महामारी में बाहरी लोगों के लिए यह पता लगा पाना मुश्किल हो गया था कि उत्तर कोरिया के अंदर क्या हो रहा है। उत्तर कोरिया दुनिया के सबसे अधिक बंद देशों में से एक है।
कांग (48) ने एपी से कहा कि उन्हें अपने शोध को पूरा करने के लिए इस पद्धति की ओर रुख करना पड़ा क्योंकि कोविड-19 महामारी में बाहरी लोगों के लिए यह पता लगा पाना मुश्किल हो गया था कि उत्तर कोरिया के अंदर क्या हो रहा है। उत्तर कोरिया दुनिया के सबसे अधिक बंद देशों में से एक है।
कांग ने पांच पश्चिम सागर द्वीपों से उत्तर कोरियाई कचरा उठाए जाने के संबंध में एक पुस्तक लिखी है।
कांग का मानना है कि उत्तर कोरिया के कचरे की विविधता व मात्रा आदि से उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया रिपोर्टों की पुष्टि होती है कि नेता किम जोंग उन अपने लोगों की मांगों को पूरा करने और उनकी आजीविका में सुधार के लिए विभिन्न प्रकार के उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन पर जोर दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किम, अपने तानाशाही शासन के बावजूद, उन उपभोक्ताओं की रुचि को नजरअंदाज नहीं कर सकते जो अब पूंजीवादी शैली के बाजारों में उत्पाद खरीदते हैं क्योंकि देश की समाजवादी सार्वजनिक राशन प्रणाली टूट गई है और महामारी के दौरान इसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।
कांग ने कहा, ''वर्तमान उत्तर कोरियाई नागरिक ऐसी पीढ़ी हैं जो यह महसूस कर चुके हैं कि बाजार और अर्थव्यवस्था क्या है। किम उनका समर्थन नहीं हासिल कर सकते अगर वह केवल परमाणु विकास कार्यक्रम से चिपके रहते हुए उनका दमन करते हैं।''
कांग ने कहा, ''उन्हें (किम) यह दिखाने की जरूरत है कि उनके शासन में कुछ बदलाव हुए हैं।''
कांग ने बताया कि कोविड-19 महामारी से पहले वह उत्तर कोरियाई लोगों से मिलने के लिए नियमित रूप से चीनी सीमावर्ती शहरों का दौरा करते थे। इस दौरान कई बार उन्होंने उत्तर कोरियाई उत्पाद खरीदे और नदी की सीमा के पार उत्तर कोरियाई गांवों की तस्वीरें भी खींची।
हालांकि, अब वायरस को लेकर चीन के प्रतिबंध विदेशी यात्रियों को आने की अनुमति नहीं देते हैं।
कांग ने सितंबर 2020 से, देश के पांच दक्षिण कोरियाई सीमावर्ती द्वीपों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जूस पाउच, पेय पदार्थों की बोतलों सहित उत्तर कोरियाई कचरे के लगभग दो हजार टुकड़े इकट्ठा किए।
कांग ने कहा कि वह दर्जनों अलग-अलग प्रकार की रंगीन पैकेजिंग सामग्री देखकर हैरान हो गए, जिनमें से कई आइसक्रीम बार, दूध और दही आदि उत्पादों के लिए थी।
उन्होंने बताया कि कई उत्पादों के पैकेटों में विभिन्न प्रकार के ग्राफिक, कार्टून चरित्र आदि छपे थे। कुछ अब भी पश्चिमी मानकों से पुराने लग सकते हैं और कुछ में दक्षिण कोरियाई और जापानी डिजाइनों की नकल भी है।
उत्तर कोरिया में स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने वाली वेबसाइट ''डीपीआरकेहैल्थडॉटओआरजी'' के प्रमुख आह क्यूंग-सु ने कहा कि अन्य विशेषज्ञ सरकारी मीडिया के माध्यम से उत्तर कोरिया में उत्पादों और पैकेजिंग डिजाइनों की विविधता का अध्ययन करते हैं, लेकिन कांग का कचरा संग्रह गहन विश्लेषण प्रदान करता है।
एपी
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