विदेश की खबरें | अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने वेस्ट बैंक में फलस्तीनी नेता से की मुलाकात
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ब्लिंकन की इस यात्रा का उद्देश्य गाजा पट्टी में नागरिकों के कष्ट को कम करना और संघर्ष बाद के परिदृश्य में क्षेत्र के लिए खाका तैयार करने की शुरूआत करना है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि बिना किसी पूर्व घोषणा के ब्लिंकन ने कड़ी सुरक्षा के बीच बख्तरबंद वाहनों से रामल्ला की यात्रा की। उनके मुताबिक, उससे महज कुछ ही घंटे पहले इजराइली लड़ाकू विमानों ने गाजा पट्टी में एक शरणार्थी शिविर पर हमला किया था, जिसमें कम से कम 40 लोग मारे गए तथा दर्जनों अन्य घायल हुए हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग ने गोपनीयता बनाये रखी और तबतक इस यात्रा की पुष्टि नहीं की, जबतक ब्लिंकन वेस्ट बैंक से निकल न गए। वहीं, स्थानीय लोगों ने उनकी इस यात्रा तथा इजराइल के प्रति अमेरिका के समर्थन के विरोध में प्रदर्शन किया।

कैमरे के सामने दोनों (ब्लिंकन और अब्बास) ने एक दूसरे का अभिवादन किया लेकिन बैठक किसी सार्वजनिक टिप्पणी के बगैर संपन्न हो गई। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कोई बयान का जारी नहीं होने का तात्पर्य यह तो नहीं है कि बैठक ठीक-ठाक नहीं रही।

अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि ब्लिंकन ने गाजा में जीवन रक्षक मानवीय सहायता की आपूर्ति और जरूरी सेवाएं बहाल करने के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता दोहरायी तथा स्पष्ट किया कि फलस्तीनियों को जबरन विस्थापित नहीं किया जाना चाहिए।

मिलर ने कहा कि ब्लिंकन और अब्बास ने वेस्ट बैंक में शांति और स्थायित्व बहाल करने के प्रयासों पर चर्चा की जिनमें फलस्तीनियों के विरूद्ध चरमपंथी हिंसा रोकना तथा ऐसा करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना शामिल है। उनका इशारा इजराइल द्वारा बसाये गये लोगों द्वारा की जाने वाली हिंसा की ओर था।

अब्बास के साथ यह बैठक ब्लिंकन की पश्चिम एशिया की यात्रा के तीसरे दिन हुई है। हमास द्वारा सात अक्टूबर को इजराइली शहरों पर अकस्मात हमला किये जाने के बाद लड़ाई शुरू होने के उपरांत ब्लिंकन की पश्चिम एशिया की यह दूसरी यात्रा है।

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