देश की खबरें | उप्र : कमीशन के आरोप को लेकर बस्ती जिला पंचायत की बैठक में हंगामा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के बस्ती में जिला पंचायत की बैठक में कथित रूप से कमीशनबाजी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष और भाजपा जिला पंचायत सदस्यों के बीच कहासुनी हो गई।
बस्ती, 16 फरवरी उत्तर प्रदेश के बस्ती में जिला पंचायत की बैठक में कथित रूप से कमीशनबाजी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष और भाजपा जिला पंचायत सदस्यों के बीच कहासुनी हो गई।
यह टकराव गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
यह घटना शनिवार को विकास भवन सभागार में एक बैठक के दौरान हुई। बैठक में जिला पंचायत की परियोजनाओं में कथित तौर पर 41.5 प्रतिशत कमीशन के मुद्दे को लेकर विवाद खड़ा हो गया। तनाव बढ़ने पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी को बीच में ही बैठक छोड़कर जाना पड़ा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब सदस्यों ने अपर मुख्य अधिकारी विजय कुमार वर्मा को भी घेरने की कोशिश की।
विरोध करने वालों में भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रमोद चौधरी भी शामिल थे, जिन्होंने अपनी पार्टी के जिला पंचायत नेतृत्व की खुलकर आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया नए जिला पंचायत भवन की महज दो साल पहले 50 लाख रुपये की लागत से मरम्मत करायी गयी थी लेकिन उसे अनावश्यक रूप से ध्वस्त करा दिया गया ताकि इसके निर्माण की एक करोड़ रुपये की नयी परियोजना का रास्ता साफ हो सके।
चौधरी ने अधिकारियों पर धन के दुरुपयोग और ठेके देने में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा करते हुए कहा, ''परियोजनाओं पर 41.5 प्रतिशत कमीशन लेने की प्रथा विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है।''
अपर मुख्य अधिकारी विजय कुमार वर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी ने आरोपों से इनकार किया है।
चौधरी ने कहा कि कथित कमीशन के बारे में कोई प्रस्ताव या चर्चा बैठक के एजेंडे का हिस्सा नहीं थी। उन्होंने कहा कि 2025-26 वित्त वर्ष के लिए कार्य योजना को 36 सदस्यों के समर्थन से मंजूरी दे दी गई है।
चौधरी ने भवन के ध्वस्त होने के संबंध में कहा कि लोक निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने सहित उचित प्रक्रियाओं का पालन किया गया था और नए निर्माण से स्थानीय बुनियादी ढांचे में वृद्धि होगी।
चौधरी ने तीखी नोकझोंक को पार्टी का अंदरूनी मामला बताते हुए कहा, ''सभी सदस्य परिवार की तरह हैं। इस तरह की बहस होती रहती है। मुखिया होने के नाते मुझे सबकी बात सुननी पड़ती है। हालांकि, पिछली बैठक में जब प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी, तब कोई आपत्ति नहीं की गयी थी। सभी विकास कार्य नियमानुसार किए जा रहे हैं।''
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